INDC Network: संबल, उत्तर प्रदेश:-वो कोई धर्मगुरू नहीं…’, संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क का बयान
उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्लिम युवती तमन्ना मलिक द्वारा कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस मुद्दे को ज्यादा तूल न देने की बात कही और कहा कि तमन्ना कोई धर्मगुरू नहीं हैं। उन्होंने सभी धर्मों के त्योहारों के सम्मान की बात करते हुए कहा कि किसी के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
संभल में कांवड़ यात्रा को लेकर सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक मुस्लिम युवती तमन्ना मलिक के कांवड़ उठाने को लेकर चर्चा तेज है। तमन्ना ने हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव को अर्पित करने की मन्नत पूरी की। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक हिंदू युवक से विवाह की मन्नत मांगी थी, जो पूरी होने के बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया।इस घटना के सामने आने के बाद सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। संभल से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है।
“मामले को ज्यादा उछालना नहीं चाहिए” – बर्क
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान किया जाना चाहिए।उन्होंने बयान में कहा कि देशभक्ति के त्योहार अलग होते हैं और धार्मिक त्योहार अलग। हर व्यक्ति को अपने-अपने धर्म और परंपराओं का पालन करने का अधिकार है, लेकिन किसी के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
“वो हमारी कोई धर्मगुरू नहीं हैं”
जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि जिस महिला की चर्चा हो रही है, वह कोई धर्मगुरू नहीं हैं जिनकी बात को समुदाय को मानना या अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दो साल पहले ही उन्होंने दूसरे धर्म में शादी कर ली थी, इसलिए उनके निजी निर्णय को पूरे समुदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।बर्क ने यह भी जोड़ा कि धार्मिक मामलों में मार्गदर्शन के लिए समाज में अलग-अलग धर्मगुरू होते हैं, और किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत कदम को धार्मिक प्रतिनिधित्व के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सौहार्द की अपील
सपा सांसद ने अपने बयान में कहा कि सभी समाजों को एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी समुदाय का व्यक्ति दूसरे समुदाय के लोगों की मदद करता है, तो वह सराहनीय है।उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो समाज के लोग मिलकर उसकी मदद करें। उन्होंने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को प्राथमिकता देने की बात कही।
तमन्ना मलिक का पक्ष
जानकारी के अनुसार, संभल के बदनपुर बसेई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक ने हरिद्वार से गंगाजल लाकर कांवड़ यात्रा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले अमन त्यागी से विवाह की मन्नत मांगी थी, जो पूरी हो गई। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव का आभार जताने के लिए कांवड़ उठाई।तमन्ना ने कहा कि उनके जीवन में सब कुछ ठीक चल रहा है और उनके दो बेटे भी हैं। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर व्यक्तिगत आस्था और सामुदायिक पहचान के सवाल को चर्चा में ला दिया है। राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान सामने आने के बाद मामला केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संयमित भाषा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह का तनाव न बढ़े।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | संभल, उत्तर प्रदेश |
| युवती का नाम | तमन्ना मलिक |
| घटना | कांवड़ यात्रा में हिस्सा, गंगाजल अर्पण |
| कारण | विवाह की मन्नत पूरी होने के बाद |
| प्रतिक्रिया | सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का बयान |
| मुख्य टिप्पणी | “वो कोई धर्मगुरू नहीं |
संभल में मुस्लिम युवती तमन्ना मलिक के कांवड़ यात्रा में शामिल होने पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले को ज्यादा उछालना नहीं चाहिए और वह कोई धर्मगुरू नहीं हैं। उन्होंने सभी धर्मों के सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।



















