INDC Network: असम, भारत:- भूपेन बोरा और रिपुन बोरा ने छोड़ी कांग्रेस, सियासत गरमाई
असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर अनदेखी और संगठनात्मक असंतोष का आरोप लगाया है। चुनावी तैयारियों के बीच आए इन इस्तीफों से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं—भूपेन बोरा और रिपुन बोरा—ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी राज्य में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
भूपेन बोरा का इस्तीफा
पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राज्य इकाई में उन्हें उचित स्थान नहीं दिया जा रहा था और पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही थी।गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भूपेन बोरा ने कहा कि उन्होंने सुबह 8 बजे कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा भेज दिया और विस्तार से कारण भी बताए। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने निर्णय के विस्तृत कारण साझा करने से परहेज किया।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक असमंजस और नेतृत्व स्तर पर स्पष्टता की कमी ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। बोरा ने कहा कि यदि पार्टी यह भी तय नहीं कर पा रही कि किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसे साथ रखना है, तो भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
भूपेन बोरा ने बताया कि उनके इस्तीफे के बाद कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा कि अखिल गोगोई और लुरिन गोगोई ने उनसे बातचीत की है। उन्होंने यह भी बताया कि CPI(M) की ओर से भी संपर्क किया गया, जबकि मुख्यमंत्री की ओर से कोई कॉल नहीं आया।कांग्रेस हाईकमान द्वारा संपर्क किए जाने की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन फिलहाल उन्होंने अपना निर्णय ले लिया है।
रिपुन बोरा का भी इस्तीफा
इसी बीच, असम कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वे पहले राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं और असम कांग्रेस का प्रमुख चेहरा माने जाते रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, रिपुन बोरा ने भी पार्टी नेतृत्व को अपने निर्णय से अवगत करा दिया है। हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस असम में भाजपा के खिलाफ मजबूत रणनीति बनाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक प्रभाव
दो वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे ने असम की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर असर पड़ सकता है।भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष रहे और दो बार विधायक भी चुने जा चुके हैं। उनकी जगह हाल ही में गौरव गोगोई को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। संगठन में नेतृत्व परिवर्तन के बाद से ही अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं सामने आ रही थीं।
आगे की राह
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या ये नेता किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगे या कोई नया राजनीतिक विकल्प तलाशेंगे। चुनावी मौसम में इस तरह के इस्तीफे विपक्षी दलों के लिए रणनीतिक बढ़त का मौका बन सकते हैं।कांग्रेस के लिए यह समय संगठनात्मक एकजुटता और स्पष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करने का है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इन झटकों से कैसे उबरती है और चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाती है।
| क्रमांक | बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | घटना | भूपेन बोरा और रिपुन बोरा का इस्तीफा |
| 2 | पद | पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व राज्यसभा सांसद |
| 3 | कारण | नेतृत्व से असंतोष, संगठनात्मक अनदेखी |
| 4 | समय | विधानसभा चुनाव से पहले |
| 5 | प्रतिक्रिया | अन्य नेताओं और हाईकमान से संपर्क |
| 6 | संभावित असर | कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर प्रभाव |


















