INDC Network: बंगाल, भारत:- बेरोजगार युवाओं को हर माह 1,500 रुपये, 1 अप्रैल 2026 से लागू प्रस्तावित
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले ‘बांग्लार युवा साथी योजना’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य के बेरोजगार युवाओं को नौकरी की तलाश और स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के दौरान हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है। इसे युवाओं को आर्थिक संबल देने और रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चुनावी साल में युवाओं पर फोकस
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए ‘बांग्लार युवा साथी योजना’ की घोषणा की है। यह योजना बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, ताकि वे नौकरी की तलाश और कौशल विकास प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय दबाव से मुक्त रह सकें।सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है।
क्या है ‘बांग्लार युवा साथी योजना’?
इस योजना के तहत पात्र बेरोजगार युवाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि उन्हें तब तक मिलेगी जब तक वे नौकरी की तलाश कर रहे हों या किसी मान्यता प्राप्त स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम में प्रशिक्षण ले रहे हों।सरकार का मानना है कि कई युवा आर्थिक तंगी के कारण प्रशिक्षण या इंटरव्यू की तैयारी जारी नहीं रख पाते। यह सहायता उन्हें स्थिरता और आत्मविश्वास प्रदान करेगी।
कब से लागू होगी योजना?
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू की जा सकती है। इसके लिए बजट प्रावधान और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। संबंधित विभागों को पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और सत्यापन प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित पात्रता और प्रक्रिया
हालांकि विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने बाकी हैं, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार—
- आवेदक पश्चिम बंगाल का निवासी होना चाहिए
- आयु सीमा निर्धारित की जाएगी (संभावित रूप से 18-35 वर्ष)
- बेरोजगारी का प्रमाण आवश्यक हो सकता है
- स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम में नामांकन को प्राथमिकता
सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकती है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
राजनीतिक और सामाजिक असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना युवाओं को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। राज्य में बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा रहा है, और विपक्ष लगातार सरकार को इस मुद्दे पर घेरता रहा है।वहीं, सत्तारूढ़ दल का दावा है कि यह योजना सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के समन्वय का उदाहरण है। इससे युवाओं में रोजगार क्षमता बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | बांग्लार युवा साथी योजना |
| घोषित किया | मुख्यमंत्री ममता बनर्जी |
| उद्देश्य | बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता |
| सहायता राशि | ₹1,500 प्रति माह |
| लागू होने की संभावित तिथि | 1 अप्रैल 2026 |
| लक्ष्य समूह | नौकरी तलाश रहे और स्किल प्रशिक्षण ले रहे युवा |
सरकार का दृष्टिकोण
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने का माध्यम है। कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ आर्थिक सहायता जोड़ने से युवा बेहतर तरीके से प्रशिक्षण ले सकेंगे और रोजगार के अवसर तलाश ‘बांग्लार युवा साथी योजना’ पश्चिम बंगाल में युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। यदि यह योजना निर्धारित समय पर लागू होती है, तो लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। चुनावी वर्ष में इसकी राजनीतिक अहमियत भी कम नहीं है। अब नजर इस बात पर है कि योजना की रूपरेखा कितनी प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू की जाती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले ‘बांग्लार युवा साथी योजना’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है।
















