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पटना में 23 जुलाई को महाबोधि विहार मुक्ति और भंते विनयाचार्य की रिहाई हेतु धरना

बौद्ध समाज की अस्मिता, श्रद्धा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए 23 जुलाई 2025 को पटना के गर्दनीबाग में बुद्धिष्ट समन्वय संघ (BSS) के तत्वावधान में विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य महाबोधि महाविहार की मुक्ति और भंते विनयाचार्य की रिहाई है।

बौद्ध समाज की अस्मिता, श्रद्धा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए 23 जुलाई 2025 को पटना के गर्दनीबाग में बुद्धिष्ट समन्वय संघ (BSS) के तत्वावधान में विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य महाबोधि महाविहार की मुक्ति और भंते विनयाचार्य की रिहाई है।

पटना में बौद्ध समाज का आह्वान, 23 जुलाई को होगा महाबोधि महाविहार मुक्ति और भंते विनयाचार्य की रिहाई के लिए बड़ा प्रदर्शन

पटना, बिहार: बौद्ध समाज की अस्मिता, श्रद्धा और संविधान प्रदत्त अधिकारों की पुनर्प्राप्ति के लिए 23 जुलाई 2025 को पटना में एक ऐतिहासिक आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। बुद्धिष्ट समन्वय संघ (BSS), बिहार के नेतृत्व में आयोजित यह धरना-प्रदर्शन गर्दनीबाग में सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य दो प्रमुख मांगों पर केंद्रित है:
महाबोधि महाविहार (बोधगया) की मुक्ति
भंते विनयाचार्य की अविलंब रिहाई

जयप्रकाश सिंह ने किया आंदोलन का ऐलान

बसपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने इस आंदोलन की जानकारी अपने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने लिखा,
“महाबोधि बुद्ध विहार मुक्ति एवं भंते विनयाचार्य की रिहाई हेतु 23 जुलाई को पटना में विशाल धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम तय हुआ है।”

उन्होंने इसे केवल धरना नहीं बल्कि बौद्ध समाज की गरिमा, सांस्कृतिक विरासत और अधिकारों की पुनर्स्थापना का आह्वान बताया।

संघर्ष का प्रतीक बनेगा 23 जुलाई का दिन

बुद्धिष्ट समन्वय संघ (BSS) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम बौद्ध अनुयायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश है। आयोजकों का मानना है कि महाबोधि महाविहार, जो भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति का पावन स्थल है, उसकी धार्मिक और प्रशासनिक स्वतंत्रता बहाल की जानी चाहिए।

भंते विनयाचार्य की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

कार्यक्रम के आयोजकों ने भंते विनयाचार्य की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण बताया है और उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की है। बुद्धिष्ट समन्वय संघ का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे बौद्ध समुदाय की अस्मिता से जुड़ा हुआ है।

स्थान और समय

तारीख: 23 जुलाई 2025 (बुधवार)
समय: प्रातः 10 बजे
स्थान: गर्दनीबाग, पटना, बिहार

सभी अनुयायियों से भागीदारी की अपील

BSS ने सभी बौद्ध अनुयायियों, सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और जागरूक नागरिकों से इस आंदोलन में भारी संख्या में पहुंचकर इसे ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।

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