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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान का उकसावा, युद्ध की आशंका से इनकार
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक फ्रांसीसी चैनल को दिए इंटरव्यू में भारत और अफगानिस्तान पर प्रॉक्सी वॉर का आरोप लगाया है। उन्होंने भारत के साथ संभावित युद्ध की आशंका से भी इनकार नहीं किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
फ्रांसीसी चैनल पर पाकिस्तान का आरोप
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक फ्रांसीसी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में भारत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारत और अफगानिस्तान मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहे हैं।हालांकि, इंटरव्यू के दौरान एंकर ने इन आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे, जिस पर स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।
युद्ध की संभावना पर बयान
ख्वाजा आसिफ ने भारत के साथ बढ़ते तनाव के संदर्भ में युद्ध की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा पर वैश्विक ध्यान बना हुआ है।इसी दौरान ईमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा (16–19 फरवरी) भी चर्चा में है, जिसे दक्षिण एशिया में कूटनीतिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
पिछले वर्ष मई 2025 में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। 7 से 10 मई तक चले इस अभियान में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे को निशाना बनाया।रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई। भारत ने स्पष्ट किया था कि आतंकवादी गतिविधियों पर सख्त रुख जारी रहेगा।
पाकिस्तान की आंतरिक चुनौतियां
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय आंतरिक उग्रवाद और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों पर हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं।कुछ समय पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति भी बनी थी। ऐसे माहौल में भारत पर लगाए गए आरोपों को क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बयान देने वाले | ख्वाजा आसिफ |
| पद | रक्षा मंत्री, पाकिस्तान |
| आरोप | भारत-अफगानिस्तान प्रॉक्सी वॉर |
| संदर्भ | ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) |
| वर्तमान स्थिति | क्षेत्रीय तनाव, युद्ध की आशंका |
कूटनीतिक और रणनीतिक प्रभाव
भारत ने पहले भी स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई जा रही है
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय समीकरण संवेदनशील हैं। भारत की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बजाय स्थिरता और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।



















