INDC Network: झारखण्ड :-डायन के शक में मां-बेटे को जिंदा जलाया, झारखंड दहलाझारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में डायन-बिसाही के शक में उपद्रवियों ने एक महिला और उसके मासूम बेटे को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। हमले में महिला का पति गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
झारखंड के West Singhbhum district से अंधविश्वास की एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के कुदासाई कलाईया गांव में डायन-बिसाही के शक में एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में एक महिला और उसके मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया है।
घटना बुधवार (18 फरवरी 2026) की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने महिला पर ‘डायन’ होने का आरोप लगाया। इसी अंधविश्वास के चलते आरोपियों ने देर रात परिवार के घर पर धावा बोला और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की चपेट में आने से महिला और उसके बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस को सुबह मिली सूचना
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) जगन्नाथपुर रफाएल मुर्मू के मुताबिक, सुबह करीब 6:10 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया और मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान घटनास्थल से पेट्रोल से भरा एक प्लास्टिक डिब्बा बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी।
पति गंभीर रूप से घायल
इस हमले में महिला का पति कोल्हान सिंकू भी बुरी तरह झुलस गया है। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित के बयान के आधार पर कुमारडुंगी थाने में कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रसिका उर्फ चेचे बिरुवा, जेना बिरुवा, सोना बिरुवा और डेलका सिंकू शामिल हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस का कहना है कि सभी सबूतों को जांच में शामिल किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अंधविश्वास पर फिर उठे सवाल
झारखंड और अन्य राज्यों के ग्रामीण इलाकों में डायन-बिसाही के आरोपों को लेकर हिंसा की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और अशिक्षा की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान, शिक्षा का प्रसार और सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। राज्य सरकार और प्रशासन पर अब इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।
| क्रमांक | विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | घटना की तारीख | 18 फरवरी 2026 |
| 2 | स्थान | कुदासाई कलाईया गांव, पश्चिमी सिंहभूम |
| 3 | कारण | डायन-बिसाही का आरोप |
| 4 | मृतक | महिला और उसका मासूम बेटा |
| 5 | घायल | पति कोल्हान सिंकू (गंभीर) |
| 6 | गिरफ्तार आरोपी | 4 |
| 7 | जांच एजेंसी | स्थानीय पुलिस व FSL टीम |
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में डायन के शक में एक महिला और उसके बच्चे को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। हमले में महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वैज्ञानिक जांच जारी है।



















