INDC Network: लखनऊ,उत्तर प्रदेश:- बीएसपी विधायक के घर छापे पर अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा प्रहार बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर छापों को “सरकारी डकैती” बताया और भाजपा को लालची व संवेदनहीन पार्टी करार दिया।
बीएसपी विधायक के घर छापे पर सियासत तेज, अखिलेश ने भाजपा को घेरा
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लंबी पोस्ट लिखते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि “भाजपाई छापे सरकारी डकैती होते हैं” और आरोप लगाया कि भाजपा एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति का कठिन समय चल रहा होता है, तब ऐसे छापे डालकर उसे और अधिक परेशान किया जाता है।
मंत्री के बयान को किया साझा
सपा प्रमुख ने योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बयान को भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। गौरतलब है कि बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज कर दी है। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भाजपा जहां भी धन-संपत्ति होने की संभावना देखती है, वहां अपनी एजेंसियों को भेज देती है। उन्होंने भाजपा को “धन का लालची” बताते हुए कहा कि पार्टी संवेदनहीन रवैया अपनाती है और व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी ख्याल नहीं रखती।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
सपा अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि भाजपा के लिए “बहन-बेटी का मान-सम्मान भी कुछ नहीं है” और आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को झूठे मुकदमों और छापों के जरिए परेशान किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएगी और इसी कारण पार्टी “पैसे बटोरने में लगी है।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के परंपरागत वोटर भी अब उससे दूरी बना रहे हैं। कारोबारी वर्ग, धार्मिक समाज और अन्य वर्गों में भी असंतोष बढ़ने का दावा उन्होंने किया।
छापेमारी को बताया अनुचित
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की गंभीर परिस्थितियों में की गई कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसे “दिल्ली के षड्यंत्र” से जोड़ते हुए कहा कि एक दिन सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। भाजपा की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
| क्रम संख्या | बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | मामला | बीएसपी विधायक के घर छापेमारी |
| 2 | विधायक का नाम | उमाशंकर सिंह |
| 3 | कार्रवाई करने वाली एजेंसी | आयकर विभाग |
| 4 | प्रतिक्रिया देने वाले नेता | अखिलेश यादव |
| 5 | राजनीतिक दल | समाजवादी पार्टी |
| 6 | मुख्य आरोप | एजेंसियों का दुरुपयोग |
| 7 | मुद्दा | राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप |
यह मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में भाजपा की प्रतिक्रिया और जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर विभाग की छापेमारी पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छापों को सरकारी डकैती बताते हुए एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया



















