INDC Network : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मंगलवार (10 मार्च) की सुबह अचानक घना कोहरा छा गया। लगभग सुबह 5 बजे के आसपास कोहरा इतना ज्यादा बढ़ गया कि कई स्थानों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रह गई। अचानक मौसम में आए इस बदलाव को लेकर आम जनमानस में चर्चा शुरू हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक महीने से अधिक समय से न तो कड़ाके की ठंड पड़ रही थी और न ही घना कोहरा देखने को मिल रहा था, ऐसे में अचानक कोहरा छा जाना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बन गया। हालांकि तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट दर्ज नहीं की गई है। मौसम के आंकड़ों के अनुसार तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है, जो सामान्य सुबहों की तुलना में बहुत बड़ी गिरावट नहीं मानी जाती।
इसी बीच कुछ लोगों के बीच तरह-तरह की भ्रांतियां भी फैलने लगी हैं। कुछ लोग इसे अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, जैसे ईरान क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और वहां से उठने वाले धुएं से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन मौसम विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि इस घटना का उन परिस्थितियों से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से प्रकृति में बनने वाली मौसम संबंधी परिस्थितियों का परिणाम है।
कोहरा अचानक से क्यों हुआ ?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अचानक कोहरा बनने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं:
1. हवा का बहुत धीमा होना : रात के समय हवा की गति बहुत कम हो जाती है। जब हवा लगभग शांत हो जाती है तो वातावरण में मौजूद नमी जमीन के पास ही जमा होने लगती है और वही नमी छोटे-छोटे जलकणों में बदलकर कोहरे का रूप ले लेती है।
2. रात में जमीन का ठंडा होना : रात के समय जमीन धीरे-धीरे अपनी गर्मी खो देती है, जिससे जमीन के पास की हवा भी ठंडी हो जाती है। अगर उस समय वातावरण में पर्याप्त नमी मौजूद हो तो सुबह के समय घना कोहरा बन सकता है। इसके लिए तापमान का बहुत ज्यादा गिरना जरूरी नहीं होता, 2-3 डिग्री की गिरावट भी पर्याप्त होती है।
3. तापमान उलटाव (Temperature Inversion) : कई बार ऊपर की हवा अपेक्षाकृत गर्म और नीचे की हवा ठंडी हो जाती है। ऐसी स्थिति में नमी जमीन के पास ही फंस जाती है और घना कोहरा बन जाता है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है।
फिलहाल सुबह के समय छाए इस कोहरे को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। इस खबर में दी गई तस्वीरों में भी फर्रुखाबाद में छाए घने कोहरे के दृश्य देखे जा सकते हैं, जिनसे साफ समझा जा सकता है कि सुबह के समय कोहरा कितना ज्यादा था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्राकृतिक मौसम प्रणाली का सामान्य हिस्सा