INDC Network: दिल्ली, भारत:- AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव लाते समय उनसे राय नहीं ली गई और विपक्ष की एकता के नाम पर किसी को “गुलाम” नहीं बनाया जा सकता। लोकसभा में स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर Asaduddin Owaisi ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर खुलकर नाराज़गी जताई है।
AIMIM प्रमुख ओवैसी ने कहा कि स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाते समय उनसे राय नहीं ली गई और विपक्ष की एकता के नाम पर किसी को “गुलाम” नहीं बनाया जा सकता।
“हमसे पूछा ही नहीं गया”
लोकसभा में बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि जब स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया तो उनकी पार्टी से कोई चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सदन के सदस्य स्वतंत्र हैं और किसी राजनीतिक दल के “मजदूर” नहीं हैं। ओवैसी ने कहा,
“हम एक स्वतंत्र सदन के सदस्य हैं। स्पीकर हमें जवाबदेह है और सरकार भी सदन के प्रति जवाबदेह है।”
डिप्टी स्पीकर के लिए नया प्रस्ताव
ओवैसी ने यह भी कहा कि वह एक नया प्रस्ताव लाने वाले हैं जिसमें Hanuman Beniwal को डिप्टी स्पीकर बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को वह Chandrashekhar Azad के साथ मिलकर पेश करेंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि Pappu Yadav इसमें शामिल होंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
विपक्षी एकता पर भी उठाए सवाल
ओवैसी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की एकता के नाम पर छोटे दलों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा,
“विपक्ष की एकता के नाम पर क्या हम गुलाम बन जाएंगे? हम गुलाम नहीं बनेंगे।”
ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि उपराष्ट्रपति चुनाव के समय भी उनकी पार्टी से कोई राय नहीं ली गई थी।
संविधान का हवाला देकर उठाए सवाल
इससे पहले ओवैसी ने सदन में Jagdambika Pal द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही की अध्यक्षता पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि जब स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा चल रही हो तो संविधान के अनुच्छेद 95 और 96 के अनुसार कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा, इस पर स्पष्ट नियम हैं। ओवैसी का आरोप था कि इन संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी की गई।
शायरी के जरिए विपक्ष पर तंज
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने शायरी सुनाकर नेता प्रतिपक्ष पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा:
“तेरी नजर में मेरी कदर कुछ भी नहीं,
मेरी कदर उनसे पूछ जिन्हें हासिल नहीं हूं।”
सदन की स्वतंत्रता पर चिंता
ओवैसी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि संसद की कार्यवाही को पक्ष और विपक्ष दोनों अपने हिसाब से चलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सदन की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उनके इस बयान के बाद संसद की राजनीति में एक बार फिर विपक्षी एकता और संसदीय प्रक्रियाओं को लेकर बहस तेज हो गई है।



















