INDC Network: पश्चिम बंगाल :- लोकसभा चुनाव से पहले EC सख्त, बंगाल DGP हटाए गए, नए अधिकारी की नियुक्ति जल्द लोकसभा चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार को उनके पद से हटा दिया है। इस कदम को चुनाव के दौरान निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश में पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि राजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से पुलिस महानिदेशक और आईजी के पद से हटाकर गैर-चुनावी ड्यूटी में भेजा जाए। आयोग के सचिव राकेश कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में साफ कहा गया है कि यह कदम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक राज्य के दूसरे सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से आज शाम 5 बजे तक तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भेजने को कहा है, जिनमें से किसी एक को नया DGP नियुक्त किया जाएगा।
राजीव कुमार का नाम पहले भी विवादों में रहा है। चिटफंड घोटाले से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके खिलाफ साक्ष्यों को मिटाने के आरोप लगाए थे। उस समय सीबीआई द्वारा उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश भी की गई थी, जिसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। यहां तक कि राज्य पुलिस और सीबीआई के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली थी।
हाल ही में राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार, जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी करती हैं, ने राजीव कुमार को DGP के पद पर नियुक्त किया था। हालांकि विपक्षी दलों—भारतीय जनता पार्टी, माकपा और कांग्रेस—ने राज्य पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे और इस मुद्दे को चुनाव आयोग के सामने भी रखा था।
पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव सात चरणों में कराए जाएंगे। राज्य की 42 सीटों पर 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक मतदान होगा और 4 जून को परिणाम घोषित किए जाएंगे। ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा उठाया गया यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कार्रवाई की है। आयोग ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को भी उनके पदों से हटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिवों पर भी कार्रवाई की गई है।
इतना ही नहीं, आयोग ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाने के निर्देश दिए हैं। यह सभी कदम चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली संभावित प्रशासनिक पक्षपात को रोकने के लिए उठाए गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव आयोग का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि इस बार चुनाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नया DGP कौन बनेगा और आगामी चुनावों में कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी रहती है।
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार को पद से हटा दिया है। आयोग ने राज्य सरकार से नए DGP के लिए तीन नाम मांगे हैं और तब तक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
| Field | Details |
|---|---|
| State | पश्चिम बंगाल |
| Action Taken | DGP हटाए गए |
| Officer | राजीव कुमार |
| Authority | चुनाव आयोग |
| Reason | निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना |
| Interim व्यवस्था | दूसरे वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी |
| Election Phases | 7 चरण |
| Result Date | 4 जून |
लोकसभा चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार को पद से हटा दिया है। आयोग ने राज्य सरकार से नए DGP के लिए तीन नाम मांगे हैं। यह फैसला निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।


















