INDC Network : उत्तर प्रदेश :- Akhilesh Yadav ने 1 अप्रैल 2026 से बढ़ी कमर्शियल एलपीजी कीमतों पर Bharatiya Janata Party सरकार को निशाने पर लिया और कालाबाज़ारी बढ़ने का आरोप लगाया। वहीं सरकार ने कहा कि घरेलू गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश में 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर Samajwadi Party प्रमुख Akhilesh Yadav ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमर्शियल गैस के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं और इससे कालाबाज़ारी तथा मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिल रहा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार युद्ध जैसी परिस्थितियों का हवाला देकर लगातार कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस अनुपात में कीमतें बढ़ती हैं, उससे अधिक अनुपात में कालाबाज़ारी बढ़ती है और इससे कुछ लोगों को फायदा होता है। उन्होंने केंद्र सरकार को “पूरी तरह फेल गवर्नमेंट” करार दिया।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
2026 की शुरुआत से ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी से अप्रैल के बीच कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है:
| तिथि | कीमत (₹) |
|---|---|
| 1 फरवरी 2026 | 1740.50 |
| 1 मार्च 2026 | 1768.50 |
| 7 मार्च 2026 | 1883.00 |
| 1 अप्रैल 2026 | 2078.50 |
इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे खाद्य व्यवसाय चलाने वाले लोगों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कमर्शियल सिलेंडर का व्यापक उपयोग होता है।
सरकार ने दी सफाई
इस बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas ने स्पष्ट किया कि केवल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी कीमत 913 रुपये पर ही स्थिर है।
सरकार ने यह भी बताया कि Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत लाभार्थियों को मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत भी 613 रुपये पर ही बनी हुई है। यानी गरीब परिवारों पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान
सरकार के अनुसार, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और एलपीजी की ऊंची वैश्विक कीमतों के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को हर सिलेंडर पर लगभग 380 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुमान है कि मई 2026 के अंत तक यह कुल नुकसान करीब 40,484 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
सरकारी बयान के मुताबिक पिछले वर्ष भी एलपीजी पर कुल 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जिसमें से लगभग 30,000 करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने वहन किए, जबकि शेष 30,000 करोड़ रुपये का भार केंद्र सरकार ने उठाया, ताकि उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के प्रभाव से राहत दी जा सके।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नेता | अखिलेश यादव |
| मुद्दा | कमर्शियल एलपीजी कीमत बढ़ोतरी |
| नई कीमत | ₹2078.50 |
| घरेलू सिलेंडर कीमत | ₹913 |
| उज्ज्वला योजना कीमत | ₹613 |
| नुकसान (प्रति सिलेंडर) | ₹380 |
| अनुमानित कुल नुकसान | ₹40,484 करोड़ |
| आरोप | कालाबाज़ारी बढ़ने का दावा |
| सरकारी पक्ष | केवल कमर्शियल कीमत बढ़ी |
| प्रभावित वर्ग | होटल, रेस्टोरेंट, छोटे व्यापारी |
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹2078.50 होने पर अखिलेश यादव ने सरकार पर कालाबाज़ारी बढ़ने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने घरेलू गैस कीमत स्थिर रहने की बात कही।



















