INDC Network : औरैया, उत्तर प्रदेश : जनपद औरैया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में संचालित 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाओं से जुड़े पायलटों के लिए एक दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नियमित अंतराल पर आयोजित किया जाता है।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन लखनऊ से आए क्वालिटी ऑडिटर मोहम्मद शोएब एवं ईएमएलसी प्रशिक्षक हरिकिशोर द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में चार जनपदों—औरैया, इटावा, फिरोजाबाद एवं मैनपुरी—के एम्बुलेंस पायलटों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस का सुरक्षित, सतर्क एवं नियमों के अनुरूप संचालन करने की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में सही समय पर लिया गया निर्णय और पूर्ण सतर्कता किस प्रकार किसी मरीज के जीवन की रक्षा कर सकती है। प्रशिक्षण सत्र में विशेष रूप से कोहरे में वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों, रेस्पॉन्स टाइम, टर्न अराउंड टाइम, साइकिल टाइम की उपयोगिता, केस डिनायल से बचाव तथा सही एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त सुरक्षित वाहन संचालन के महत्वपूर्ण सुझाव, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में धैर्य और जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि एम्बुलेंस पायलट के लिए प्रत्येक सेकेंड अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। सही रेस्पॉन्स टाइम और सुरक्षित ड्राइविंग ही मरीज तक समय पर पहुंचने तथा उसकी जान बचाने की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी गई कि इस प्रकार के प्रशिक्षण भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे एम्बुलेंस पायलटों का कौशल निरंतर अद्यतन बना रहे और जिले की आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं हर परिस्थिति में जनता के लिए भरोसेमंद सिद्ध हों।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के रीजनल मैनेजर क्षमासागर, प्रोग्राम मैनेजर सचिन राज, अभिषेक, जिला प्रभारी विवेक कुमार, वेदप्रकाश सहित संबंधित टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षणों से आपातकालीन सेवाओं की कार्यक्षमता, सुरक्षा और विश्वसनीयता में निरंतर सुधार हो रहा है, जो आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।



















