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फर्रुखाबाद आलू मंडी में किसानों के शोषण पर भाकियू टिकैत का बड़ा कदम, अजय कटियार ने डीएम से मुलाकात की

INDC Network : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश : फर्रुखाबाद जनपद की एशिया की सबसे बड़ी मानी जाने वाली सातनपुर आलू मंडी में किसानों के साथ हो रही कथित लूट और अनियमितताओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन के सामने जोरदार आवाज उठाई है। मंगलवार, 1 अप्रैल को भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले को विस्तार से रखा।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक पेन ड्राइव भी सौंपी, जिसमें 100 से अधिक वीडियो क्लिप्स शामिल हैं। इन वीडियो में कथित तौर पर “अंगौछे के अंदर” आलू की बिक्री और लेनदेन की प्रक्रिया को दिखाया गया है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि किसानों के आर्थिक शोषण का माध्यम भी बन रहा है।

अजय कटियार ने बताया कि फर्रुखाबाद सहित आसपास के जनपदों के किसान अपनी उपज बेचने के लिए सातनपुर मंडी आते हैं, लेकिन यहां आढ़तियों और व्यापारियों द्वारा मिलकर किसानों के साथ धोखाधड़ी की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आलू की बिक्री खुले बोली के बजाय छिपे तरीके से की जाती है, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।

इसके अलावा, तौल प्रक्रिया में भी गड़बड़ी का मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि जहां पक्की फसल पर 50 किलो के बदले 49 किलो की तौल होनी चाहिए, वहीं किसानों को 47-48 किलो के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही, किसानों को 6R का पक्का पर्चा भी नहीं दिया जा रहा, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि इस संबंध में मंडी सभापति और मंडी सचिव को पहले भी कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते किसानों का शोषण लगातार जारी है।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संज्ञान लिया और नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि मंडी में अगले ही दिन से आलू की बिक्री खुली बोली के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई आढ़ती या व्यापारी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

नगर मजिस्ट्रेट ने भी तत्काल मंडी सचिव को निर्देश जारी कर दिए हैं कि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने दी जाए।

इस प्रतिनिधिमंडल में अजय कटियार के साथ कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी, जिला प्रवक्ता गोपी शाक्य और युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत भी शामिल रहे।

भाकियू टिकैत के इस कदम को किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक निर्देशों के बाद मंडी में व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है और किसानों को वास्तविक राहत मिल पाती है या नहीं।

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