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मायावती, चंद्रशेखर आजाद, देवेश शाक्य और अब सपा सांसद नीरज मौर्य ने कानपुर गौतम बुद्ध पार्क को शिवालिक पार्क में न बदलने की मांग की

INDC Network : एटा, उत्तर प्रदेश : कानपुर नगर निगम द्वारा गौतम बुद्ध पार्क को शिवालिक पार्क में बदलने की योजना पर भारी विरोध हो रहा है। बौद्ध समाज, दलित समुदाय और आमजन ने इसे धार्मिक आस्था पर प्रहार बताया। सांसद देवेश शाक्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर योजना को तत्काल रोकने की मांग की है। इस विरोध में बसपा सुप्रीमो मायावती और ASP सुप्रीमो चंद्रशेखर आजाद ने भी खुलकर समर्थन किया है।

कानपुर के गौतम बुद्ध पार्क को नगर निगम द्वारा शिवालिक पार्क में परिवर्तित करने की योजना पर अब सियासी और सामाजिक बवाल मच गया है। यह पार्क न केवल बौद्ध समाज और डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्वतंत्रता और सामाजिक समानता के मूल्यों का प्रतीक भी माना जाता है।

ख़बरों के अनुसार, नगर निगम ने हाल ही में एक प्रस्ताव पास कर पार्क का नाम बदलकर शिवालिक पार्क करने की योजना बनाई थी। लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी सार्वजनिक हुई, बौद्ध और दलित समुदाय समेत स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना है कि गौतम बुद्ध पार्क का नाम बदलना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना है बल्कि संविधान के मूल्यों के भी खिलाफ है।

इसी मुद्दे को लेकर एटा-कासगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद देवेश शाक्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस योजना को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट लिखा कि गौतम बुद्ध पार्क का वर्तमान स्वरूप सुरक्षित रखा जाए और यदि शिवालिक पार्क के नाम से कोई नया पर्यटन स्थल विकसित करना है तो उसके लिए किसी अन्य भू-भाग का चयन किया जाए।

सांसद शाक्य ने तीन मुख्य बिंदुओं पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की –

  1. गौतम बुद्ध पार्क का शिवालिक पार्क में परिवर्तन रोक दिया जाए।
  2. मौजूदा पार्क का स्वरूप सुरक्षित रखते हुए इसे बौद्ध सांस्कृतिक पार्क के रूप में विकसित किया जाए।
  3. शिवालिक पार्क हेतु नई भूमि का चयन कर अलग परियोजना चलाई जाए।
एटा सांसद देवेश शाक्य ने योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र

यही नहीं, इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती और ASP सुप्रीमो चंद्रशेखर आजाद ने भी इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध करते हुए कहा है कि यह बौद्ध समाज और अंबेडकर अनुयायियों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दलित और बौद्ध समाज की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो कानपुर समेत पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।

आंवला सांसद नीरज मौर्य ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा

जनपद बरेली की आंवला लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने भी कानपुर स्थित गौतम बुद्ध पार्क का नाम बदलकर शिवालय पार्क करने की मांग का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में पार्क का नाम या स्वरूप बदला न जाए।

सांसद नीरज मौर्य ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि यह पार्क केवल एक साधारण स्थल नहीं है, बल्कि बौद्ध एवं बहुजन समाज की आस्था और पहचान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम से समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाएं आहत होंगी और सामाजिक सौहार्द पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

फिलहाल, सभी की नजरें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय पर टिकी हैं। क्या सरकार इस विवादित योजना को वापस लेगी या फिर इसे लागू किया जाएगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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