INDC Network : गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश :- Ghaziabad पुलिस ने पाक समर्थित जासूसी नेटवर्क से जुड़े तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आरोप है कि ये लोग सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशन और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। पूछताछ में हथियार तस्करी और सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क संचालन जैसे गंभीर खुलासे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के Ghaziabad में जासूसी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। कौशांबी थाना पुलिस ने पाक समर्थित कथित जासूसी गिरोह से जुड़े तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह देश के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और संवेदनशील संस्थानों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तारियों से पहले भी इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। शुरुआती कार्रवाई 14 मार्च 2026 को हुई थी, जब संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पांच पुरुष और एक महिला को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 20 मार्च को नौ अन्य आरोपियों को पकड़ा गया, जिनमें पांच नाबालिग भी शामिल थे। उन्हीं से मिली जानकारी के आधार पर अब तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इस नेटवर्क के और बड़े होने के संकेत मिल रहे हैं।
Dhawal Jaiswal ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बिहार निवासी नौशाद और Mathura निवासी मीरा शामिल हैं, जबकि एक नाबालिग आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रेकी कर उनके फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नंबरों पर भेजते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था। आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखा था और उन्हें प्ले स्टोर से एक विशेष ऐप डाउनलोड कर उसकी ट्रेनिंग भी दी गई थी। इसी ऐप के जरिए संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजी जाती थी।
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला मीरा कथित रूप से हथियार तस्करी में भी संलिप्त थी। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क कमजोर आर्थिक स्थिति वाले और तकनीकी जानकारी रखने वाले युवाओं को पैसे का लालच देकर जोड़ता था। इनमें मोबाइल मैकेनिक, कंप्यूटर मैकेनिक और सीसीटीवी ऑपरेटर जैसे तकनीकी काम करने वाले युवक शामिल थे, जिन्हें छोटी रकम का प्रलोभन देकर संवेदनशील सूचनाएं जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया ग्रुपों के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहते थे और नेटवर्क का विस्तार करने के लिए अन्य लोगों को भी जोड़ते थे। महिला आरोपी मीरा का मुख्य काम अन्य महिलाओं को नेटवर्क से जोड़ना बताया जा रहा है, ताकि किसी को उन पर आसानी से शक न हो।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे मामले की जांच में अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियां भी जुट गई हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से संकेत मिल रहा है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश |
| कुल नई गिरफ्तारी | 3 आरोपी (एक महिला सहित) |
| पूर्व गिरफ्तारी | 14 मार्च: 6 आरोपी |
| दूसरी कार्रवाई | 20 मार्च: 9 आरोपी (5 नाबालिग) |
| मुख्य गतिविधि | सैन्य ठिकानों की रेकी |
| भेजी गई जानकारी | फोटो, वीडियो, GPS लोकेशन |
| संचालन स्थान | पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क |
| महिला आरोपी की भूमिका | हथियार तस्करी व भर्ती |
| बरामद सामान | 3 मोबाइल फोन |
| जांच एजेंसियां | पुलिस व अन्य केंद्रीय एजेंसियां |
गाजियाबाद पुलिस ने पाक समर्थित जासूसी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारी फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन के साथ पाकिस्तान भेज रहे थे। मामले में कई एजेंसियां संयुक्त जांच कर रही हैं।



















