INDC Network : असम, भारत :- Himanta Biswa Sarma ने Gaurav Gogoi पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि वे पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो ज्यादा वोट मिल सकते हैं। इस बयान के बाद Assam की राजनीति में चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
Assam में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने कांग्रेस नेता Gaurav Gogoi को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी, जिससे राज्य की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
गोलाघाट में भाजपा–एजीपी गठबंधन उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यदि गौरव गोगोई पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो उन्हें ज्यादा वोट मिल सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है और चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में “प्रो-इंकंबेंसी” की लहर चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे के दौरान जो माहौल उन्होंने देखा है, उससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि भाजपा और उसके सहयोगी दल इस बार भी सरकार बनाने जा रहे हैं और पिछले चुनावों के रिकॉर्ड को पार कर सकते हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री ने सीटों की सटीक संख्या बताने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन को इस बार पहले से अधिक मजबूत जनसमर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर पहले हार की आशंका जताई जा रही थी, वहां भी अब परिस्थितियां गठबंधन के पक्ष में बदलती दिखाई दे रही हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने Indian National Congress और Raijor Dal के बीच हुए गठबंधन को देर से बना और कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन के पास संयुक्त प्रचार और साझा रणनीति के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा है, इसलिए इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस में हो रहे दल-बदल के मुद्दे को उठाते हुए पार्टी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारतीय राजनीति की एक ऐतिहासिक पार्टी रही है, लेकिन वर्तमान नेतृत्व अपने नेताओं को रोक पाने में विफल दिखाई दे रहा है। उन्होंने गौरव गोगोई की नेतृत्व क्षमता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति पार्टी की आंतरिक कमजोरी को दर्शाती है।
इस दौरान उन्होंने Assam Public Service Commission (APSC) की भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया और दावा किया कि उनकी सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार हुआ है और लोगों को नौकरी के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ती।
मुख्यमंत्री की पाकिस्तान संबंधी टिप्पणी ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इससे राजनीतिक विवाद भी बढ़ सकता है। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, वैसे-वैसे इस तरह की बयानबाजी के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| राज्य | असम |
| चुनाव | विधानसभा चुनाव 2026 |
| बयान देने वाले | हिमंत बिस्वा सरमा |
| टिप्पणी | गौरव गोगोई पर विवादित बयान |
| स्थान | गोलाघाट |
| गठबंधन | भाजपा–एजीपी |
| विपक्ष गठबंधन | कांग्रेस–राइजोर दल |
| दावा | प्रो-इंकंबेंसी लहर |
| मुद्दा | APSC भर्ती पारदर्शिता |
| असर | चुनावी माहौल गर्म |
असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वे पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो ज्यादा वोट मिल सकते हैं। इस बयान से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।



















