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ममता या स्टालिन को INDIA की कमान? अखिलेश का संतुलित कूटनीतिक जवाब

INDC Network: लखनऊ, उत्तर प्रदेश :- मणिशंकर अय्यर के बयान पर सपा प्रमुख बोले– गठबंधन एकजुट, लक्ष्य BJP को हराना कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा ममता बनर्जी और एमके स्टालिन को INDIA गठबंधन की कमान सौंपने की मांग के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गठबंधन बना हुआ है और उसका मुख्य लक्ष्य भाजपा को हराना है।

इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) की कमान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने हाल ही में अलग-अलग मौकों पर सुझाव दिया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जैसे क्षेत्रीय नेताओं को गठबंधन का नेतृत्व सौंपा जाना चाहिए। उनके इस बयान ने विपक्षी खेमे में नई बहस छेड़ दी है।

अखिलेश यादव का ‘कूटनीतिक’ जवाब

समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा। उनकी प्राथमिकता स्पष्ट है—पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में भाजपा को हराना। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव केवल 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं होगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा भी तय करेगा। उन्होंने ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति से सावधान रहने की बात कही और कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट रहकर रणनीति बनानी होगी।

ममता बनर्जी का नाम क्यों?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee लंबे समय से भाजपा के खिलाफ मुखर रहीं हैं। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत की। मणिशंकर अय्यर ने संकेत दिया था कि यदि ममता बनर्जी को उचित महत्व नहीं दिया गया तो गठबंधन कमजोर हो सकता है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी जैसे मजबूत क्षेत्रीय नेता को आगे लाने से विपक्ष को नई ऊर्जा मिल सकती है।

स्टालिन को क्यों बताया ‘सबसे उपयुक्त’?

अय्यर ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin को भी INDIA गठबंधन का संभावित संयोजक बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और 2029 के लक्ष्य को देखते हुए स्टालिन इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हो सकते हैं। अय्यर के मुताबिक, यदि किसी छोटे या क्षेत्रीय घटक दल के नेता को नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जाती है तो इससे गठबंधन में संतुलन और एकता बढ़ सकती है। उनका तर्क है कि एक मजबूत और समन्वित विपक्ष ही 2029 के आम चुनाव में भाजपा को चुनौती दे सकता है।

राहुल गांधी का संदर्भ

अय्यर ने यह भी कहा कि 2029 में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के प्रधानमंत्री बनने की संभावना तभी मजबूत होगी जब INDIA गठबंधन एकजुट और प्रभावी ढंग से काम करे। उन्होंने यह संकेत दिया कि गठबंधन की मजबूती कांग्रेस के लिए भी जरूरी है।

गठबंधन की रणनीति और 2029 की तैयारी

अखिलेश यादव का बयान बताता है कि फिलहाल विपक्षी दल नेतृत्व के प्रश्न से ज्यादा चुनावी रणनीति पर ध्यान देना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में विपक्ष की एकजुटता 2029 के लिए निर्णायक हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि INDIA गठबंधन में कई मजबूत क्षेत्रीय चेहरे हैं और नेतृत्व को लेकर लचीलापन दिखाना रणनीतिक तौर पर फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला सभी सहयोगी दलों की सहमति से ही होगा।

क्रमांकमुद्दाविवरण
1बयान देने वाले नेतामणिशंकर अय्यर
2संभावित नेताममता बनर्जी, एमके स्टालिन
3प्रतिक्रिया देने वालेअखिलेश यादव
4गठबंधन का लक्ष्य2029 में भाजपा को चुनौती
5प्रमुख राज्यउत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु
6राजनीतिक संदर्भINDIA गठबंधन की रणनीति

INDIA गठबंधन के नेतृत्व को लेकर मणिशंकर अय्यर द्वारा ममता बनर्जी और एमके स्टालिन का नाम सुझाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस पर अखिलेश यादव ने कूटनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए गठबंधन की एकता और भाजपा को हराने के लक्ष्य पर जोर दिया है।

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