INDC Network : उत्तर प्रदेश :- Om Prakash Rajbhar ने Atrauliya सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया, जिस पर Sanjay Nishad ने कहा कि सीट बंटवारे का फैसला Bharatiya Janata Party नेतृत्व करेगा।
Uttar Pradesh की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले ही सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर हलचल तेज होती नजर आ रही है। Suheldev Bharatiya Samaj Party के प्रमुख Om Prakash Rajbhar द्वारा अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर Atrauliya विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान करने के बाद Nishad Party की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Nishad ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीटों का अंतिम फैसला National Democratic Alliance (एनडीए) के नेतृत्व और विशेष रूप से Narendra Modi तथा Yogi Adityanath के मार्गदर्शन में ही होगा।
बिना विचार-विमर्श के घोषणा: संजय निषाद
Sanjay Nishad ने कहा कि Om Prakash Rajbhar ने अतरौलिया सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान बिना गठबंधन सहयोगियों से चर्चा किए कर दिया, जो उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे जैसे अहम फैसले आपसी सहमति से ही होते हैं।
हालांकि उन्होंने राजभर को “भाई” बताते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर बातचीत से समाधान निकाल लिया जाएगा।
‘राजभर का बेटा मेरा बेटा है’: नरम लेकिन स्पष्ट संदेश
संजय निषाद ने बयान में नरमी दिखाते हुए कहा कि “राजभर का बेटा मेरा बेटा है”, लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सीटों का अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व ही करेगा। उनके इस बयान को गठबंधन के भीतर हल्की नाराजगी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रही अंदरूनी बातचीत की ओर इशारा करता है।
अतरौलिया सीट पर क्यों बढ़ा विवाद?
Atrauliya सीट को Nishad Party का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में Om Prakash Rajbhar द्वारा इस सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा को गठबंधन के भीतर संतुलन बिगाड़ने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि अभी तक भाजपा की ओर से सीट बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
चुनाव से पहले NDA में मतभेद के संकेत?
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही National Democratic Alliance के सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर मतभेद उभर रहे हैं। हालांकि आम तौर पर गठबंधन के भीतर इस तरह की बयानबाजी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी मानी जाती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या विपक्ष इन मतभेदों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करता है या फिर भाजपा नेतृत्व समय रहते सहयोगी दलों के बीच सहमति बना लेता है।
फिलहाल सभी की नजरें सीट बंटवारे के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नेता | ओम प्रकाश राजभर |
| पार्टी | सुभासपा |
| नई सीट घोषणा | अतरौलिया |
| प्रतिक्रिया | संजय निषाद |
| गठबंधन | NDA |
| फैसला करेगा | BJP नेतृत्व |
| मुद्दा | सीट बंटवारा विवाद |
ओम प्रकाश राजभर के अतरौलिया सीट से चुनाव लड़ने के ऐलान पर संजय निषाद की प्रतिक्रिया, सीट बंटवारे पर NDA में हलचल।



















