INDC Network : विदेश :-नांगरहार-पक्तिका में हमले, इस्लामाबाद बोला- इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन; काबुल ने दी जवाब की चेतावनी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक कर TTP और IS से जुड़े सात ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। अफगान मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक हमले में 16 लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। काबुल ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
रविवार तड़के पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के पूर्वी सीमावर्ती प्रांतों—नांगरहार और पक्तिका—में हवाई कार्रवाई की। इस्लामाबाद का दावा है कि यह ऑपरेशन खुफिया सूचनाओं के आधार पर किया गया और इसमें Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) तथा Islamic State से जुड़े सात कैंपों/ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि हालिया आत्मघाती हमलों के जवाब में यह “इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन” था। इस्लामाबाद का आरोप है कि हमलों की साजिश अफगान जमीन से संचालित नेटवर्क ने रची।
नागरिक हताहतों के दावे
अफगान मीडिया ‘टोलो न्यूज’ के अनुसार, नांगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए; अब तक चार को निकाले जाने की खबर है। अमेरिकी मानवाधिकार संगठन इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (IHRF) ने 16 मौतों का दावा किया है, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल बताए गए। हालांकि, आधिकारिक रूप से हताहतों के आंकड़ों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए “उचित समय पर कड़ा जवाब” देने की चेतावनी दी है। काबुल के सूत्रों के मुताबिक पक्तिका में एक धार्मिक स्कूल पर ड्रोन हमला भी हुआ।
हालिया हमले और बढ़ता तनाव
एयरस्ट्राइक से कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक (एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित) मारे गए। बाजौर में विस्फोटकों से भरी गाड़ी के हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत की खबर है। इससे पहले इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुए हमले की जिम्मेदारी Islamic State ने ली थी। अक्टूबर में सीमा पर हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। 19 अक्टूबर को कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ था, लेकिन आगे की वार्ताएं औपचारिक समझौते तक नहीं पहुंच सकीं।
दोहा समझौता और आरोप-प्रत्यारोप
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 2020 के Doha Agreement के तहत तालिबान पर दबाव डालने की अपील की है, ताकि अफगान जमीन का इस्तेमाल अन्य देशों के खिलाफ न हो। समझौते में तालिबान ने यह आश्वासन दिया था कि अफगानिस्तान की धरती का उपयोग अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। 2021 में अमेरिकी वापसी के बाद तालिबान ने काबुल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान में शरण लेकर प्रशिक्षण के बाद पाकिस्तान में हमले करते हैं, जबकि तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
TTP क्यों बना पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा?
2007 में बैतुल्लाह मेहसूद के नेतृत्व में TTP का गठन हुआ। इसका घोषित उद्देश्य पाकिस्तानी राज्य और सेना के खिलाफ लड़ाई तथा शरिया लागू करना था। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद TTP ने पाकिस्तान में हमले तेज किए। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज और ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स की हालिया रिपोर्टों में पाकिस्तान को आतंक-प्रभावित देशों में शीर्ष स्थानों पर बताया गया है, जहां TTP, BLA और IS-K सक्रिय हैं। डूरंड लाइन को लेकर ऐतिहासिक विवाद, सीमा पार आवाजाही और आतंकी पनाहगाहों के आरोप—ये सभी कारक दोनों देशों के बीच अविश्वास को गहरा करते रहे हैं। ताजा एयरस्ट्राइक और नागरिक हताहतों के दावों ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
| क्रमांक | बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | कार्रवाई | पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक |
| 2 | स्थान | नांगरहार, पक्तिका (अफगानिस्तान) |
| 3 | पाकिस्तान का दावा | TTP/IS के 7 ठिकाने निशाना |
| 4 | नागरिक हताहत | 16 मौतों का दावा (आधिकारिक पुष्टि लंबित) |
| 5 | ताजा ट्रिगर | आत्मघाती हमले, सुरक्षा काफिले पर हमला |
| 6 | काबुल की प्रतिक्रिया | संप्रभुता उल्लंघन, जवाब की चेतावनी |
| 7 | कूटनीतिक संदर्भ | 2020 दोहा समझौता |
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद 16 नागरिकों की मौत के दावे सामने आए हैं। इस्लामाबाद ने TTP और IS ठिकानों पर कार्रवाई का दावा किया है, जबकि काबुल ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाब की चेतावनी दी है।



















