INDC Network : फर्रुखाबाद,उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित गंगा नदी का पांचाल घाट पुल इन दिनों बेहद खराब हालत में है। पुल पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे रोजाना यातायात बाधित होता है और हादसों का खतरा बना रहता है।
आज सुबह पुल की जर्जर हालत का एक बड़ा उदाहरण सामने आया, जब एक छोटा हाथी (मालवाहक वाहन) पुल के एक गहरे गड्ढे में फंस गया। गड्ढा इतना गहरा था कि वाहन का पहिया पूरी तरह धंस गया, जिससे गाड़ी आगे-पीछे नहीं हिल पाई। इस वजह से पुल पर दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
दो साल में पांच बार मरम्मत, लेकिन हालात जस के तस
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में इस पुल की करीब पांच बार मरम्मत की जा चुकी है। प्रशासन और जिम्मेदारों ने कभी 50 लाख रुपए तो कभी उससे भी ज्यादा धनराशि खर्च करने का दावा किया, लेकिन वास्तविकता में मरम्मत का काम बेहद लापरवाही से किया गया। लोगों का आरोप है कि मरम्मत में न तो गुणवत्तापूर्ण सीमेंट का इस्तेमाल हुआ और न ही पक्के निर्माण का काम किया गया। अक्सर पुल के गड्ढों में हल्की-फुल्की बजरी डालकर काम पूरा मान लिया जाता है।
लगातार हादसों का सिलसिला
पुल की खराब स्थिति के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। कभी बड़ी गाड़ियां गड्ढों में फंस जाती हैं, तो कभी साइकिल और मोटरसाइकिल सवार आपस में टकरा जाते हैं। बारिश के दिनों में ये गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, क्योंकि पानी भरने से इनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय जनता में नाराजगी
फर्रुखाबाद की जनता का कहना है कि पांचाल घाट पुल की मरम्मत के नाम पर केवल भ्रष्टाचार हो रहा है। लाखों-करोड़ों के दावों के बावजूद पुल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस पुल का स्थायी और उच्च गुणवत्ता वाला पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि यात्री और राहगीर सुरक्षित आवागमन कर सकें।
आज हुई घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी दिन यहां बड़ा हादसा हो सकता है, जिसके गंभीर परिणाम पूरे जिले को भुगतने पड़ेंगे।
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