INDC Network: महाराष्ट्र :– संजय राउत का आरोप, बीजेपी ने पैसों के दम पर कई राज्यों में करवाई क्रॉस वोटिंग ज्यसभा चुनावों के दौरान कथित क्रॉस-वोटिंग को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बीच संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि बीजेपी ने पैसे और सत्ता के दम पर अलग-अलग राज्यों में क्रॉस-वोटिंग करवाई। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई है।
राउत ने विशेष रूप से ओडिशा का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि वहां किसके पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करवाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस उम्मीदवार को समर्थन दिया गया, उस पर पहले से ही गंभीर आरोप थे, जिसमें कोयला घोटाले से जुड़े मामले भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी और अदालत द्वारा उसे दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई जा चुकी थी।
संजय राउत ने दावा किया कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों को भारी रकम दी गई। उनके अनुसार, कुछ विधायकों को 50 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित लेन-देन के लिए पैसा मुंबई से भी भेजा गया था।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि पार्टी का अधिकांश समय अब खरीद-फरोख्त में ही बीत रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पार्टी ने खुद को नैतिक और संस्कारी बताया, वह अब इस तरह के आरोपों में कैसे घिर गई है।
हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आमतौर पर बीजेपी ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक प्रेरित बताती रही है।
राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग का मुद्दा नया नहीं है, लेकिन हर बार यह विवाद का कारण बनता है। जब कोई विधायक या सांसद अपनी पार्टी के निर्देशों के विपरीत जाकर किसी अन्य उम्मीदवार को वोट देता है, तो उसे क्रॉस-वोटिंग कहा जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा देते हैं और पार्टियों के बीच टकराव को बढ़ाते हैं। साथ ही, यह मुद्दा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर चुनावी राजनीति में पैसे के इस्तेमाल और नैतिकता के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, यह देखना अहम होगा कि क्या इन आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक जांच होती है या फिर यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में विधायकों को 50 करोड़ रुपये से अधिक देकर क्रॉस-वोटिंग करवाई गई। बीजेपी की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
| Field | Details |
|---|---|
| Issue | राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग |
| Key Leader | संजय राउत |
| Allegation | विधायकों को पैसे देकर वोटिंग प्रभावित करना |
| Amount Claimed | 50 करोड़ रुपये से अधिक |
| States Mentioned | हरियाणा, बिहार, ओडिशा |
| Accused Party | भारतीय जनता पार्टी |
| Evidence | आधिकारिक पुष्टि नहीं |
| Current Status | राजनीतिक बयानबाजी जारी |
राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस-वोटिंग को लेकर संजय राउत ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायकों को करोड़ों रुपये देकर वोटिंग प्रभावित की गई। इस मामले ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

















