INDC Network : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश : फर्रुखाबाद जिले के शमसाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे पाइपलाइन और सीवर लाइन कार्य में देरी से जनता परेशान है। सड़कों की खुदाई और मरम्मत में विलंब के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है, जिस पर अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। शमसाबाद में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार से बढ़ा जनआक्रोश
फर्रुखाबाद जिले के शमसाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत पाइपलाइन और सीवर लाइन बिछाने का कार्य जारी है, लेकिन इन कार्यों में हो रही देरी और अव्यवस्था के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बताया गया कि निर्माण प्रभाग जल निगम (शहरी) को पहले ही पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया था। इसके क्रम में अधिशासी अभियंता यदुनाथ सिंह और सहायक अभियंता तरुण सिंह 19 जनवरी 2026 को अध्यक्ष प्रतिनिधि नदीम अहमद फारूकी से मिलने उनके कैंप कार्यालय पहुंचे और कार्यों की प्रगति पर चर्चा की।
सड़क खुदाई और क्षतिग्रस्त नालियों से बढ़ी दिक्कत
नगर क्षेत्र की मुख्य सड़कों पर पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई के कारण कई स्थानों पर नालियां टूट गई हैं और सड़कें भी खराब हो गई हैं। मरम्मत कार्य में देरी होने से लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ चोटिल होने की शिकायतें भी मिल रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से अधूरे पड़े कार्यों के कारण बाजार और मुख्य मार्गों पर आवाजाही मुश्किल हो गई है।
महत्वपूर्ण सड़क निर्माण भी अटका
प्रेस नोट में उल्लेख है कि बजरिया चौराहे से प्रसिद्ध चौमुखे महादेव मंदिर तक स्वीकृत सड़क का निर्माण भी इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि उस मार्ग पर अभी तक सीवर लाइन नहीं डाली गई है। इसके साथ ही एफएसटीपी प्लांट का निर्माण भी अभी जारी है, जिससे परियोजना पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी।
अधिकारियों ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि एफएसटीपी प्लांट और सड़क पर सीवर लाइन डालने का कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा किया जाएगा। साथ ही खुदाई और मरम्मत से जुड़े सभी लंबित कार्यों को जल्द समाप्त करने का वादा भी किया गया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और विकास परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।