INDC Network : फतेहपुर, उत्तर प्रदेश : फतेहपुर में स्कूल से लौट रहे 12वीं के छात्र की पीट-पीटकर हत्या, इलाके में तनाव
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। महर्षि विद्या मंदिर के 12वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद आरिस की बुधवार दोपहर स्कूल से लौटते समय तीन स्कूटी सवार किशोरों ने बेरहमी से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है और परिजनों में शोक की लहर है।
यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी के पास घटित हुई, जो कि स्कूल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। आरिस, निवासी रेडड्या मोहल्ला, स्कूल की छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहा था, तभी घात लगाए तीन हमलावरों ने उसे घेरकर पीटना शुरू कर दिया।
सीसीटीवी में कैद हुई निर्मम हत्या
हमला बेहद सुनियोजित था। हमलावर भारत सरकार लिखी स्कूटी पर सवार होकर आए और आरिस पर ताबड़तोड़ वार किए। घटनास्थल पर मौजूद छात्रों ने जब तक कुछ समझा, आरिस ज़मीन पर गिर चुका था और खून से लथपथ हालत में तड़प रहा था। पूरा घटनाक्रम पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिससे पुलिस को साक्ष्य मिल गया।
मौत से पहले तीन अस्पतालों में चला इलाज
घायल आरिस को पहले फतेहपुर जिला अस्पताल, फिर कानपुर हैलट और अंत में लखनऊ के KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में भर्ती कराया गया, लेकिन शुक्रवार तड़के उसकी मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, सिर में गहरे घाव के कारण रक्त का थक्का जम गया था, जिससे मौत हुई।
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हमलावरों की पृष्ठभूमि और पुरानी रंजिश
सूत्रों के अनुसार, हमला करने वाले तीनों किशोर कांशीराम कॉलोनी के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी को पहले स्कूल से अनुशासनहीनता के चलते निकाला जा चुका था। चार दिन पहले एक चाय की दुकान पर आरिस से किसी लड़की को लेकर कहासुनी हुई थी, जो इस हमले का कारण बताई जा रही है। हालांकि परिजन और पुलिस इस प्रेम-प्रसंग वाली बात पर स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इलाके में तनाव, पीएसी तैनात
घटना के बाद फतेहपुर के रेडड्या मोहल्ले में तनाव की स्थिति है। चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने इलाके में पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) की तैनाती कर दी है। छात्र का शव शुक्रवार शाम जब गांव पहुंचा, तो मोहल्लेवालों ने कानपुर रोड जाम कर दिया और प्रशासन से आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की।
महिला ने पुलिस पर उठाया हाथ
तनाव के बीच एक नया मोड़ तब आया जब भीड़ में से पूजा लोधी नाम की एक महिला ने अचानक एक दरोगा को मुक्का मार दिया और कुर्सी उठाकर फेंकी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया कि पूजा पहले भी झूठे मुकदमे दर्ज कराने के आरोपों में चर्चित रही है।
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आरोपियों को भेजा गया जेल
एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी तारकेश्वर राय ने बताया कि प्राथमिक जांच में चाय की दुकान पर हुई कहासुनी ही हमले की वजह लग रही है।
स्कूल प्रबंधन भी सकते में
महर्षि विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य प्रमोद त्रिपाठी ने कहा कि छात्र पर हमला दोपहर 2 बजे के करीब हुआ, जब विद्यालय की छुट्टी हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन की ओर से तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कर आरिस को अस्पताल पहुंचाया गया। यह एक बेहद दुखद घटना है जिससे पूरे विद्यालय परिसर में मातम छाया हुआ है।
मृतक परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर
मृतक छात्र आरिस के पिता रुआब अहमद एक मैकेनिक हैं। घर में पत्नी, चार बेटियां और एक यही बेटा था। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी। अब बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिजन अभी भी न्याय और प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फतेहपुर में दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। स्कूल से लौटते समय छात्र की हत्या, पुलिस पर महिला का हमला, आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और प्रेम-प्रसंग से जुड़ी आशंकाएं – यह पूरा मामला कई गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक प्रश्न खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।



















