INDC Network : बहराइच, उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए अतिरिक्त पानी ने तबाही मचा दी है। महसी और मोतीपुर तहसील के आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रातभर पानी के बढ़ते स्तर ने लोगों को डर और परेशानी में डाल दिया। ग्रामीणों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है।
सबसे अधिक प्रभावित गांवों में पूरे प्रसाद और जानकी नगर शामिल हैं, जहां घरों के भीतर तक पानी घुस चुका है। सड़कों पर पानी बह रहा है, खेत डूब चुके हैं और हजारों हेक्टेयर में फैली फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। किसानों को इस आपदा से भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने के पानी और दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया है और 412 नावों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। गांवों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए शरण स्थलों की व्यवस्था की गई है, जहां भोजन और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्टीमर और बड़ी नावों के माध्यम से लोगों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। फ्लड पीएसी की टीमें भी सक्रिय हैं और जलमग्न क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से राहत की व्यवस्था तो की जा रही है, लेकिन अभी भी कई घरों में बुजुर्ग और महिलाएं फंसे हुए हैं, जिन्हें तत्काल निकालने की आवश्यकता है। वहीं, कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय रहते चेतावनी नहीं दी गई, जिससे नुकसान और अधिक हुआ।
बहराइच की यह बाढ़ न केवल एक प्राकृतिक आपदा बन चुकी है, बल्कि प्रशासनिक सतर्कता और प्रबंधन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, यदि नेपाल से और पानी छोड़ा गया या बारिश जारी रही।
प्रशासनिक टीमों की सक्रियता के बावजूद लोगों को अभी भी राहत और पुनर्वास की दिशा में और प्रयासों की दरकार है। ग्रामीणों की उम्मीदें अब सरकारी सहायता और दीर्घकालिक समाधान पर टिकी हैं।