INDC Network : गोरखपुर, उत्तर प्रदेश : गोरखपुर में मंगलवार सुबह कार्मल स्कूल के पास स्थित वन विभाग की जर्जर चहारदीवारी अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में कई राहगीर घायल हो गए, जबकि बस्ती जनपद के गांधीनगर पिकौरा निवासी और एडीएम के गनर विक्रम प्रसाद की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
हादसा सुबह 10 बजे के करीब
मंगलवार को सुबह लगभग 10 बजे, जब कार्मल स्कूल में पेरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) चल रही थी, अभिभावक अपने बच्चों को लेकर इस रास्ते से गुजर रहे थे। कुछ लोग सड़क किनारे बाइक खड़ी कर बच्चों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच वन विभाग की पुरानी और जर्जर चहारदीवारी अचानक गिर गई और इसकी चपेट में कई लोग आ गए।
गंभीर रूप से घायल विक्रम प्रसाद की मौत
हादसे में सबसे गंभीर रूप से घायल हुए विक्रम प्रसाद, जो कि बस्ती के गांधीनगर पिकौरा निवासी थे और एडीएम के गनर के रूप में कार्यरत थे। दीवार गिरने के दौरान वह पेट के बल जमीन पर आ गिरे और उन पर पूरी ईंटों का ढेर गिर पड़ा। हादसे में उनके बाएं पैर की कई हड्डियां टूट गईं और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अन्य घायल अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद गोलघर चौकी प्रभारी अवनीश पांडेय ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भिजवाया। कुछ घायलों का उपचार अभी भी जारी है।
यातायात बाधित, पुलिस ने हटवाए मलबे
दीवार गिरने के कारण सड़क पर ईंट और मलबा फैल गया, जिससे यातायात रुक गया। पुलिस ने तुरंत मलबा हटवाकर आवागमन शुरू कराया। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
वन विभाग ने पहले भेजा था प्रस्ताव
वन विभाग के नगर रेंजर दिनेश चौरसिया ने बताया कि इस चहारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने कहा कि यह दीवार लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी और मरम्मत की आवश्यकता थी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दीवार की मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टल सकता था। लोगों ने मांग की कि ऐसी जर्जर संरचनाओं की तुरंत मरम्मत की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
प्रशासन ने किया मुआवजा और जांच का आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और हादसे की पूरी जांच कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही शहर में खतरनाक इमारतों और दीवारों का सर्वे कराने की बात भी कही गई है।
























