INDC Network : पश्चिम बंगाल :- West Bengal के ताजा ओपिनियन पोल में Mamata Banerjee की All India Trinamool Congress को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि Bharatiya Janata Party 98–108 सीटों तक सिमट सकती है।
West Bengal विधानसभा चुनाव 2026 से पहले जारी ताजा ओपिनियन पोल में Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress (टीएमसी) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। सर्वे के मुताबिक टीएमसी लगातार चौथी बार राज्य में सरकार बना सकती है।
CNN-News18 और Vote Vibe द्वारा जारी प्री-पोल सर्वे के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में टीएमसी को 184 से 194 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े 148 से काफी अधिक है। वहीं Bharatiya Janata Party को 98 से 108 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
वोट शेयर में भी TMC को बढ़त
सर्वे के अनुसार वोट प्रतिशत के मामले में भी टीएमसी को बढ़त मिलती दिख रही है। अनुमान के मुताबिक 41.9 प्रतिशत मतदाता टीएमसी के पक्ष में हैं, जबकि भाजपा को 34.9 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान लगाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़त के पीछे Mamata Banerjee की व्यक्तिगत लोकप्रियता बड़ी वजह बनी हुई है, जो लगातार राज्य की राजनीति में प्रभावशाली बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री पद के लिए ममता पहली पसंद
ओपिनियन पोल के अनुसार मुख्यमंत्री पद के लिए भी ममता बनर्जी मतदाताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। सर्वे में 48.8 प्रतिशत लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पसंद किया, जबकि भाजपा नेता Suvendu Adhikari को 33.4 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला।
यह आंकड़े संकेत देते हैं कि राज्य की राजनीति में ममता बनर्जी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है।
सरकार के कामकाज पर मिश्रित प्रतिक्रिया
सर्वे में राज्य सरकार के कामकाज को लेकर भी लोगों की राय सामने आई है। लगभग 43.3 प्रतिशत लोगों ने सरकार के काम को अच्छा या बहुत अच्छा बताया। वहीं 20.6 प्रतिशत लोगों ने इसे बहुत खराब और 18.3 प्रतिशत लोगों ने खराब बताया।
इसके अलावा 36.5 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि वे मौजूदा टीएमसी विधायकों को फिर से वोट देना पसंद करेंगे, जो सत्तारूढ़ दल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
जातिगत और सामाजिक समीकरणों का असर
सर्वे के अनुसार मुस्लिम समुदाय में टीएमसी का समर्थन मजबूत बना हुआ है। करीब 44.2 प्रतिशत लोगों ने राज्य सरकार के काम को बहुत अच्छा बताया। वहीं अनुसूचित जनजाति और सवर्ण हिंदू मतदाताओं के बीच सरकार के कामकाज को लेकर अपेक्षाकृत अधिक असंतोष देखने को मिला।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सामाजिक समीकरण चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं और विभिन्न दल इन वर्गों को साधने के लिए रणनीति बना रहे हैं।
भाजपा के सामने संगठनात्मक चुनौतियां
सर्वे में यह भी सामने आया कि राज्य में भाजपा के सामने संगठनात्मक चुनौतियां मौजूद हैं। करीब 19.9 प्रतिशत लोगों ने पार्टी के अंदर गुटबाजी को कमजोरी बताया। वहीं 12.5 प्रतिशत मतदाताओं का मानना है कि भाजपा राज्य की सांस्कृतिक परिस्थितियों को पूरी तरह समझने में पीछे रही है।
इसके अलावा 17.2 प्रतिशत लोगों ने राज्य स्तर पर मजबूत नेतृत्व की कमी को भी पार्टी की कमजोरी बताया है। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा के सामने संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
हालांकि ओपिनियन पोल केवल संभावित रुझान दिखाते हैं और अंतिम फैसला मतदाता ही करते हैं। ऐसे में आगामी मतदान के बाद ही वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| राज्य | पश्चिम बंगाल |
| कुल सीटें | 294 |
| बहुमत आंकड़ा | 148 |
| TMC अनुमान | 184–194 सीटें |
| BJP अनुमान | 98–108 सीटें |
| TMC वोट शेयर | 41.9% |
| BJP वोट शेयर | 34.9% |
| CM पसंद | ममता बनर्जी (48.8%) |
| BJP CM चेहरा | शुभेंदु अधिकारी (33.4%) |
| सर्वे एजेंसी | CNN-News18, Vote Vibe |
पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026 में TMC को 184–194 सीटें मिलने का अनुमान, BJP 98–108 सीटों तक सीमित रह सकती है।



















