IINDC Network: तेलगाना, भारत :-105 में से 84 नगरपालिकाओं और 6 नगर निगमों में कांग्रेस का परचम
तेलंगाना में हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनाव 2026 में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी ने 105 में से 84 नगरपालिकाओं पर कब्जा जमाया, जबकि 7 में से 6 नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर पद हासिल किए। बीआरएस को 17 नगरपालिकाओं में सफलता मिली, वहीं भाजपा को सीमित जीत मिली। कई स्थानों पर दिलचस्प राजनीतिक समीकरण भी देखने को मिले, जहां कांग्रेस, भाजपा और अन्य दलों ने रणनीतिक समर्थन के साथ सत्ता संतुलन बनाया।
तेलंगाना में कांग्रेस की बड़ी बढ़त
तेलंगाना में 11 फरवरी 2026 को 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था। 13 फरवरी को आए नतीजों ने राज्य की राजनीति में नया संदेश दिया। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 105 में से 84 नगरपालिकाओं पर जीत हासिल कर स्पष्ट बढ़त बनाई। इनमें से 66 नगरपालिकाओं में पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला, जबकि 18 स्थानों पर अन्य दलों और निर्दलीयों के समर्थन से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद हासिल किए गए।मुख्य विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) को 17 नगरपालिकाओं में सफलता मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को केवल एक नगरपालिका में जीत मिली, जबकि तीन नगरपालिकाओं में निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष बने।
नगर निगमों में भी कांग्रेस का दबदबा
नगर निगमों की तस्वीर भी कांग्रेस के पक्ष में रही। महबूबनगर, मंचेरियल, नलगोंडा और रामागुंडम नगर निगमों में कांग्रेस ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर कब्जा किया।कोठागुडेम नगर निगम में कांग्रेस की सहयोगी सीपीआई के मूड गणेश मेयर बने, जबकि कांग्रेस की एस. ललिता कुमार डिप्टी मेयर चुनी गईं। यहां 60 सदस्यीय निगम में कांग्रेस और सीपीआई को समान 22-22 सीटें मिली थीं।निजामाबाद नगर निगम में कांग्रेस की के. उमा रानी को एआईएमआईएम के समर्थन से मेयर चुना गया, जबकि एआईएमआईएम की सलमा तहसीन डिप्टी मेयर बनीं। इससे कांग्रेस भाजपा को सत्ता से दूर रखने में सफल रही।
करीमनगर में भाजपा की सफलता
हालांकि करीमनगर नगर निगम में कांग्रेस भाजपा को रोकने में असफल रही। 66 सदस्यीय निगम में भाजपा ने 30 सीटें जीतीं और निर्दलीयों के समर्थन से मेयर और डिप्टी मेयर पद हासिल किए।आदिलाबाद नगरपालिका में निर्दलीय पार्षद बंदारी अनुशा अध्यक्ष बनीं, जबकि एआईएमआईएम के मोहम्मद रोहित उपाध्यक्ष बने। यहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन सत्ता समीकरण निर्दलीयों के पक्ष में गया। भैंसा नगरपालिका में भी दोनों शीर्ष पद निर्दलीयों को मिले।
राजनीतिक समीकरण और रणनीतिक समर्थन
इन चुनावों में कई स्थानों पर दिलचस्प राजनीतिक समझौते भी देखने को मिले। मेडक जिले के नरसापुर में भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस का समर्थन किया, बदले में कांग्रेस ने भाजपा पार्षद को उपाध्यक्ष पद दिलाने में मदद की। इसी तरह मेडचल मलकाजगिरी जिले के आलियाबाद में भी दोनों दलों के बीच सहयोग हुआ।रंगारेड्डी जिले के अमंगल में बीआरएस ने भाजपा के समर्थन से अध्यक्ष पद जीता और उपाध्यक्ष पद भाजपा को मिला।
| श्रेणी | कुल निकाय | कांग्रेस | BRS | भाजपा | अन्य/निर्दलीय |
|---|---|---|---|---|---|
| नगरपालिकाएं | 105 (निर्णीत) | 84 | 17 | 1 | 3 |
| नगर निगम | 7 | 6 | 0 | 1 (करीमनगर) | 0 |
राजनीतिक प्रभाव
तेलंगाना में यह जीत कांग्रेस के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है। विधानसभा चुनावों के बाद यह पहली बड़ी स्थानीय परीक्षा थी, जिसमें पार्टी ने मजबूत पकड़ दिखाई।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती और गठबंधन रणनीति ने इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का अवसर माना जा रहा है।
तेलंगाना नगर निकाय चुनाव 2026 में कांग्रेस ने 105 में से 84 नगरपालिकाओं और 7 में से 6 नगर निगमों में जीत दर्ज कर बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की। बीआरएस और भाजपा को सीमित सफलता मिली। कई स्थानों पर रणनीतिक समर्थन और गठबंधन ने परिणामों को रोचक बनाया।



















