INDC Network : दिल्ली, भारत : राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर रूप ले चुका है। हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-IV को लागू कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब बुधवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 328 दर्ज किया गया, जो भले ही पिछले दिनों की तुलना में थोड़ा बेहतर है, लेकिन अब भी ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी में आता है।
सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में घना स्मॉग छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति नहीं बढ़ती और प्रदूषण के स्रोतों पर सख्ती नहीं होती, तब तक राहत मिलना मुश्किल है।
GRAP-IV क्यों लागू किया गया?
पिछले सप्ताह दिल्ली का AQI ‘सीवियर (Severe)’ श्रेणी में पहुंच गया था, जिसके बाद प्रशासन को आपातकालीन कदम उठाने पड़े। GRAP-IV के तहत ऐसे सभी उपाय लागू किए जाते हैं, जिनका मकसद उत्सर्जन कम करना और लोगों के संपर्क को सीमित करना होता है। सरकारी वर्गीकरण के अनुसार,
- AQI 0–50: अच्छा
- 51–100: संतोषजनक
- 101–200: मध्यम
- 201–300: खराब
- 301–400: बहुत खराब
- 401–500: गंभीर
दिल्ली का AQI फिलहाल ‘बहुत खराब’ स्तर पर बना हुआ है, इसलिए GRAP-IV की सख्ती जारी रखी गई है।
स्कूलों पर असर
दिल्ली सरकार ने नर्सरी से कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए फिजिकल क्लासेज पूरी तरह बंद कर दी हैं। पहले जहां अभिभावकों को ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई चुनने का विकल्प दिया गया था, अब इन कक्षाओं के छात्र पूरी तरह घर से पढ़ाई करेंगे। वहीं, कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 के लिए स्कूल हाइब्रिड मोड में चलेंगे, यानी छात्र चाहें तो ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों में से किसी एक माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं।
दफ्तरों के लिए निर्देश
GRAP-IV के तहत सरकारी और निजी दफ्तरों को केवल 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। निजी कंपनियों को फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स लागू करने की सलाह भी दी गई है, ताकि पीक आवर्स में ट्रैफिक और प्रदूषण कम हो सके।
वाहनों पर प्रतिबंध
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया है कि BS-VI से नीचे के और दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों को GRAP-III और GRAP-IV के दौरान राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, पेट्रोल, डीजल और CNG पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे सिर्फ वैध PUC (Pollution Under Control Certificate) वाले वाहनों को ही ईंधन दें।
निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक
GRAP-IV के दौरान सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य पूरी तरह रोक दिए गए हैं। इसमें सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर, बिजली लाइन, पाइपलाइन और टेलीकॉम जैसी लिनियर पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं भी शामिल हैं। साथ ही, निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
GRAP-IV के तहत क्या खुला, क्या बंद – एक नजर (Table)
| श्रेणी | स्थिति |
|---|---|
| AQI स्तर | 328 (बहुत खराब) |
| स्कूल (नर्सरी–कक्षा 5) | पूरी तरह बंद |
| स्कूल (कक्षा 6–9, 11) | हाइब्रिड मोड |
| दफ्तर | 50% स्टाफ, बाकी WFH |
| निर्माण कार्य | पूरी तरह बंद |
| BS-VI से नीचे वाहन | प्रवेश प्रतिबंधित |
| PUC बिना वाहन | ईंधन नहीं मिलेगा |
| उद्देश्य | प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम कम करना |



















