दशहरा 2026: देशभर में रावण दहन, राष्ट्रपति मुर्मु और अमित शाह ने कार्यक्रमों में लिया हिस्सा
नई दिल्ली: देशभर में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कई शहरों में रामलीला, दशहरा मेले और रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुईं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लुधियाना में रावण दहन किया।
दशहरा को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय की स्मृति में कई स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।
दिल्ली के द्वारका में पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित श्री रामलीला कमेटी के मैदान में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल हुईं। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में रामलीला और विजयादशमी से जुड़ी परंपराओं के माध्यम से लोगों को धर्म, सत्य और सदाचार का संदेश दिया गया।
राष्ट्रपति की मौजूदगी के कारण यह आयोजन खास चर्चा में रहा। दशहरा के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
लुधियाना में अमित शाह ने किया रावण दहन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लुधियाना में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में रावण दहन किया। विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
रावण दहन की परंपरा भगवान श्रीराम की विजय से जुड़ी है। इसे अहंकार, अन्याय और बुराई के अंत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। देश के कई शहरों में शाम के समय पुतला दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पटना के गांधी मैदान में दशहरा मेला
बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में भी दशहरा मेले और रावण दहन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव और विजय कुमार चौधरी सहित कई नेता शामिल हुए।
गांधी मैदान में दशहरा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस तरह के आयोजन धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक मेल-मिलाप का अवसर भी प्रदान करते हैं।
अयोध्या में 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भी दशहरा उत्सव को लेकर खास तैयारियां की गईं। चौक स्थित रामलीला मैदान में 131वें रामलीला महोत्सव के तहत करीब 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन निर्धारित किया गया। यहां रामलीला आयोजित करने की परंपरा करीब 130 साल पुरानी बताई जाती है।
अयोध्या में रामलीला और रावण दहन का धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है। इन आयोजनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाता है।
दशहरा देता है सत्य और अच्छाई का संदेश
विजयादशमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, न्याय और सदाचार अपनाने की प्रेरणा भी देता है। रावण दहन को प्रतीकात्मक रूप से मनुष्य के भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध और बुराइयों पर विजय के रूप में भी देखा जाता है।
देशभर में आयोजित रामलीला और दशहरा कार्यक्रमों के जरिए लोगों ने इस पर्व को उत्साह के साथ मनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अलग-अलग कार्यक्रमों में मौजूदगी भी दिनभर की प्रमुख खबरों में शामिल रही।