श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला का पाकिस्तान और कश्मीर मुद्दे को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने का जिक्र किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के अलग-अलग मंचों पर कश्मीरियों का मुद्दा उठाता है और इसी वजह से उनकी आवाज सुनी जाती है। उन्होंने भारत सरकार की नीतियों और जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति उसके रवैये पर भी सवाल उठाए। उनके बयान को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
अपने संबोधन में फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने और अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग भी दोहराई। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारों की मांग करना देश के खिलाफ होना नहीं है।
इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर अनुच्छेद 370, राज्य के दर्जे और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणियों पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।