सरकार के इस फैसले के साथ पंचायत सहायकों को कई अन्य सुविधाएं भी देने की घोषणा की गई है। इनमें सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश शामिल हैं।
6 हजार से बढ़कर 9 हजार रुपये हुआ मानदेय
पंचायत सहायकों को अभी तक 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। सरकार के नए फैसले के बाद अब उन्हें हर महीने 9 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। यानी पंचायत सहायकों के मानदेय में 3 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। मानदेय की राशि DBT के माध्यम से सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
प्रधान और सचिव नहीं कर सकेंगे मनमाने तरीके से बर्खास्त
सरकार ने पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा देने का भी फैसला किया है। अब पंचायत सहायकों को ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपने स्तर से नहीं हटा सकेंगे। पंचायत सहायकों से जुड़े मामलों में जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता वाली कमेटी फैसला करेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पंचायत सहायकों को नौकरी में अधिक सेवा सुरक्षा देना बताया गया है।
महिला पंचायत सहायकों को मिलेगा मातृत्व अवकाश
सरकार ने महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश देने की भी घोषणा की है। इसके अलावा पंचायत सहायकों को कैशलेस उपचार की सुविधा देने की बात कही गई है।
आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे होंगे वापस
सरकार ने पंचायत सहायकों के आंदोलन से जुड़े मामलों में भी राहत देने का फैसला किया है। आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की गई है। साथ ही कार्रवाई के दौरान हटाए गए पंचायत सहायकों को दोबारा बहाल करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के इन फैसलों से प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मानदेय बढ़ोतरी के साथ सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।