INDC Network: दिल्ली :- छात्र विरोध प्रदर्शन कवरेज के दौरान महिला पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार, दिल्ली पुलिस को नोटिस दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में 13 फरवरी 2026 को यूजीसी नियमों के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन को कवर करने गई एक महिला पत्रकार के साथ कथित शारीरिक और यौन उत्पीड़न की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही एक महिला पत्रकार के साथ कथित रूप से हुए शारीरिक और यौन हमले की घटना पर गंभीर रुख अपनाया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना 13 फरवरी 2026 की बताई जा रही है, जब दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में यूजीसी के कुछ नियमों के विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला पत्रकार घटनास्थल पर रिपोर्टिंग के लिए पहुंची थीं। मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि पत्रकार की जातिगत पहचान सामने आने के बाद कुछ तत्वों ने उन्हें निशाना बनाया।
रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीड़ ने कथित रूप से उनके साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया। हालांकि, घटना के दौरान मौजूद कुछ शिक्षकों और महिला पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर पत्रकार को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। बताया गया है कि इस पूरी घटना के बाद पत्रकार की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपने संज्ञान में कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में उल्लिखित तथ्य सत्य पाए जाते हैं, तो यह पीड़िता के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक, विशेषकर मीडिया प्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध है।
एनएचआरसी द्वारा जारी नोटिस में दिल्ली पुलिस से मामले की जांच, दर्ज की गई एफआईआर, अब तक की कार्रवाई, आरोपियों की पहचान तथा सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। आयोग ने दो सप्ताह की समयसीमा निर्धारित की है, जिसके भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक महिला पत्रकार की सुरक्षा और जातिगत आधार पर कथित भेदभाव का आरोप शामिल है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका को चौथा स्तंभ कहा जाता है, और ऐसे में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी मानी जाती है।
घटना के बाद पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई संगठनों ने कहा है कि पत्रकारों को सुरक्षित माहौल में काम करने का अधिकार है और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न अस्वीकार्य है।
दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है। उम्मीद है कि विस्तृत जांच के बाद तथ्य स्पष्ट होंगे और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात पर जोर देती है कि विरोध प्रदर्शन या सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन न हो।
| क्रमांक | विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | घटना की तारीख | 13 फरवरी 2026 |
| 2 | स्थान | दिल्ली विश्वविद्यालय, नार्थ कैंपस |
| 3 | घटना का प्रकार | कथित शारीरिक व यौन उत्पीड़न |
| 4 | पीड़ित | महिला पत्रकार |
| 5 | संज्ञान लेने वाली संस्था | राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) |
| 6 | नोटिस जारी | दिल्ली पुलिस आयुक्त को |
| 7 | रिपोर्ट की समयसीमा | 2 सप्ताह |
| 8 | कथित कारण | जातिगत पहचान के बाद निशाना |
दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मामले को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।



















