INDC Network: नई दिल्ली, भारत :परीक्षा पे चर्चा में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता, पीएम ने लेख साझा किया प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को दिए जाने वाले महत्व पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार का लेख साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल छात्रों में भय पर विजय पाने की भावना को मजबूत करती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है। परीक्षा के दिनों के नजदीक आने पर छात्रों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया गया है
परीक्षा के मौसम में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बार फिर ‘परीक्षा पे चर्चा’ पहल चर्चा में है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया है, जिसमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को परीक्षा की तैयारी के केंद्र में रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने हमेशा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। उन्होंने लिखा, “परीक्षा पे चर्चा ने हमेशा से ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को परीक्षा के लिए केंद्र में रखा है। यह भय पर विजय प्राप्त करने की सीखने की भावना को मजबूत करता है और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।” प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में बोर्ड और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जोरों पर है।
डॉ. सुकांत मजूमदार के लेख में बताया गया है कि परीक्षा को केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम न मानकर इसे आत्म-विकास और सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि छात्रों पर परीक्षा का दबाव अक्सर मानसिक तनाव, चिंता और भय का कारण बनता है। ऐसे में ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे संवादात्मक कार्यक्रम छात्रों को सकारात्मक सोच, आत्म-प्रेरणा और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
लेख के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण चरण है। यदि छात्र मानसिक रूप से संतुलित और आत्मविश्वासी रहेंगे, तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, तनाव प्रबंधन और असफलता से सीखने जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की जाती है।
प्रधानमंत्री द्वारा लेख साझा किए जाने के बाद इसे व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है। शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों ने इस पहल को सराहा है और इसे परीक्षा से पहले मानसिक तैयारी के लिए उपयोगी बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शैक्षणिक प्रदर्शन।
जैसे-जैसे परीक्षा की तिथियां नजदीक आ रही हैं, छात्रों में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता भी बढ़ती है। ऐसे समय में सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक संदेश देना छात्रों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। डॉ. मजूमदार के लेख को पढ़ने और परीक्षा का डटकर सामना करने का आह्वान भी इसी संदर्भ में किया गया है।
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच एक खुला संवाद स्थापित करना है, ताकि परीक्षा को लेकर व्याप्त भय और दबाव को कम किया जा सके। यह पहल छात्रों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और आत्म-विश्वास के साथ परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित करती है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास से जुड़ी हुई है। मानसिक स्वास्थ्य पर दिया गया यह जोर आने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर छात्रों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
प्रमुख जानकारी
| क्रम संख्या | विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | पहल का नाम | परीक्षा पे चर्चा |
| 2 | लेख साझा करने वाले | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी |
| 3 | लेख के लेखक | केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार |
| 4 | मुख्य विषय | छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य |
| 5 | प्रमुख संदेश | भय पर विजय और आत्मविश्वास में वृद्धि |
| 6 | माध्यम | सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ |
| 7 | लक्षित वर्ग | छात्र, शिक्षक, अभिभावक |
| 8 | कार्यक्रम का उद्देश्य | परीक्षा तनाव कम करना |
| 9 | वर्तमान संदर्भ | परीक्षाओं के नजदीक आते दिन |
| 10 | अपेक्षित प्रभाव | सकारात्मक मानसिक तैयारी |
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार का लेख साझा किया। परीक्षा के दिनों के नजदीक आते समय छात्रों को भयमुक्त और आत्मविश्वासी रहने का संदेश दिया गया है।



















