संकिसा स्तूप पर पूर्णिमा के दिन हिंदू पक्ष ने की पूजा-अर्चना, विषारी देवी मंदिर पर पर बोले महंत
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा में पूर्णिमा के अवसर पर हिंदू पक्ष के संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विषारी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। अतुल दीक्षित और अविनाश सिंह ने मंदिर पर अपना दावा जताते हुए कहा कि इस संबंध में उनकी कानूनी लड़ाई अदालत में जारी है। उन्होंने भगवान बुद्ध के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शांति बनाए रखने की अपील भी की।
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Arpit Shakya
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Published
27 October 2026, 01:39 PM
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स्तूप के ऊपर हिंदू संत पूजा करते हुए
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INDC Network : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश। जनपद फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा में पूर्णिमा के अवसर पर हिंदू पक्ष के संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विषारी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान अतुल दीक्षित, अविनाश सिंह सहित कई संत और सैकड़ों लोग संकिसा गांव से विषारी देवी मंदिर तक पहुंचे। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए मंदिर पर अपने अधिकार का दावा किया और कहा कि इस मामले को लेकर उनकी कानूनी लड़ाई अदालत में जारी है।
मीडिया से बातचीत में अतुल दीक्षित और अविनाश सिंह ने कहा कि विषारी देवी मंदिर पर उनका अधिकार है और उनके पास इसके समर्थन में साक्ष्य एवं प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर को लेकर न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया जारी है और वे अपना पक्ष अदालत के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे भगवान बुद्ध के प्रति आस्था और सम्मान रखते हैं तथा बौद्ध अनुयायियों की पूजा-अर्चना से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उनका कहना है कि विषारी देवी मंदिर के संबंध में उनके दावे पर भी विचार किया जाना चाहिए और उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए।
उनके अनुसार, संकिसा में बौद्ध अनुयायी भी बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने दावा किया कि बौद्ध अनुयायियों की पूजा के बाद हिंदू पक्ष के लोग विषारी देवी मंदिर में पूजा करते हैं। अतुल दीक्षित और अविनाश सिंह ने कहा कि संकिसा में शांति और सुरक्षा बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने भगवान बुद्ध के संकिसा आगमन से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे बौद्ध आस्था का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने विषारी देवी मंदिर पर अपने दावे को दोहराते हुए कहा कि वे अदालत के माध्यम से अपना पक्ष रखते रहेंगे।
पूजा-अर्चना के दौरान मोहनदास महंत, विष्णुदास महंत, जगदीश राम, हरिशंकर महंत और रामवीर सहित कई संत मौजूद रहे। अतुल दीक्षित और अविनाश सिंह के साथ सैकड़ों लोगों के संकिसा गांव से मंदिर तक पहुंचने की जानकारी दी गई। संकिसा बौद्ध अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। विषारी देवी मंदिर को लेकर हिंदू पक्ष की ओर से किए गए दावे और अदालत में जारी कानूनी लड़ाई के बीच इस मामले में सभी पक्षों के दावों तथा न्यायालय के रिकॉर्ड के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।