सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी, बांग्लादेश ने मांगा स्पष्टीकरण
नई दिल्ली: सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मृत्युदंड दिए जाने के मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों को मक्का की एक मस्जिद में कथित अनैतिक कृत्य के मामले में दोषी ठहराया गया था। 14 अक्टूबर 2026 को उन्हें फांसी दी गई। इस घटना के बाद बांग्लादेश सरकार ने सऊदी अरब से मामले की पूरी जानकारी मांगी है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने सऊदी अरब के राजनयिक प्रतिनिधियों के सामने यह मुद्दा उठाया है। बांग्लादेश सरकार जानना चाहती है कि दोनों नागरिकों के खिलाफ क्या आरोप थे, न्यायिक प्रक्रिया कैसे पूरी हुई और मृत्युदंड दिए जाने से पहले बांग्लादेशी अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी गई।
कौन थे नाजरुल इस्लाम और सिति अख्तर?
सऊदी अधिकारियों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मृत्युदंड पाने वाले नागरिकों की पहचान नाजरुल इस्लाम अब्दुल बशीर और सिति अख्तर के रूप में हुई है। नाजरुल इस्लाम बांग्लादेश के ब्राह्मणबाड़िया क्षेत्र के रहने वाले थे। वह नवंबर 2022 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे और वहां सफाईकर्मी के रूप में काम करते थे।
नाजरुल के परिवार के मुताबिक, सऊदी अरब पहुंचने के कुछ महीनों बाद उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। परिवार का कहना है कि इसके बाद वह लंबे समय तक हिरासत में रहे। परिजनों ने दावा किया है कि उन्हें नाजरुल को फांसी दिए जाने की जानकारी पहले नहीं मिली और उन्हें इस घटना का पता मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से चला।
कथित अपराध को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं
सऊदी मीडिया की रिपोर्टों में दोनों नागरिकों को मक्का की एक मस्जिद में कथित अनैतिक कृत्य के मामले में दोषी ठहराए जाने की बात कही गई है। हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में कथित अपराध की पूरी परिस्थितियों और मुकदमे से जुड़े सभी विवरण स्पष्ट नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कथित कृत्य के बारे में सभी चर्चित दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर सऊदी अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है।
परिवार ने निष्पक्ष सुनवाई पर उठाए सवाल
नाजरुल इस्लाम के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें फांसी से पहले सूचना नहीं दी गई। उनके पिता ने बेटे की मौत पर दुख जताते हुए न्याय की मांग की है। परिवार यह भी जानना चाहता है कि नाजरुल को अपना पक्ष रखने और कानूनी सहायता प्राप्त करने का पर्याप्त अवसर मिला था या नहीं।
परिजनों ने नाजरुल का शव बांग्लादेश वापस लाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि, मुकदमे में कानूनी सहायता और बचाव का अवसर मिला था या नहीं, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बांग्लादेश सरकार ने सऊदी अरब से मांगी जानकारी
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा है कि सरकार सऊदी अधिकारियों से फैसले की प्रति और मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार कर रही है। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने भी इस घटना पर निराशा जताई है।
बांग्लादेश सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि दोनों नागरिकों को मृत्युदंड दिए जाने से पहले संबंधित राजनयिक अधिकारियों को जानकारी क्यों नहीं दी गई। ढाका ने सऊदी अरब से न्यायिक प्रक्रिया और घटना की परिस्थितियों के बारे में औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है।
मामले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इस मामले में मुख्य सवाल कथित अपराध की स्पष्ट जानकारी, मुकदमे की निष्पक्षता, परिवार को पूर्व सूचना और दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद से जुड़े हैं। फिलहाल सऊदी अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार है। इसके बाद ही मामले की परिस्थितियों और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।