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पिया डांडिया और रो खन्ना ने जीता अमेरिकी चुनाव, जानें अन्य भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 में भारतीय मूल की पिया डांडिया और रो खन्ना ने जीत दर्ज की है। वहीं, विवेक रामास्वामी ओहियो के गवर्नर चुनाव में हार गए। अमिश शाह, नित्या रमन और सरिता कोमारेड्डी के चुनावी नतीजों पर भी सबकी नजर बनी हुई है।
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पिया डांडिया और रो खन्ना ने जीता अमेरिकी चुनाव, जानें अन्य भारतवंशी उम्मीदवारों का हाल
Pia Dandiya
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अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों का प्रदर्शन चर्चा में है। फ्लोरिडा से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने जीत हासिल की है। वहीं, कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रो खन्ना ने भी दोबारा चुनाव जीत लिया है।

पिया डांडिया ने फ्लोरिडा में दर्ज की जीत

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, पिया को करीब 52.2 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को लगभग 47.8 प्रतिशत वोट हासिल हुए। उनकी जीत को अमेरिकी संसद में भारतीय मूल के प्रतिनिधित्व के लिए अहम माना जा रहा है।

रो खन्ना ने भी बचाई अपनी सीट

कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रो खन्ना ने जीत दर्ज की है। वह लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनकी जीत के साथ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में उनकी वापसी तय हो गई है।

विवेक रामास्वामी को मिली हार

ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने हरा दिया। रामास्वामी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। उनकी हार को रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

अन्य भारतीय मूल के उम्मीदवारों पर नजर

एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमिश शाह चुनाव मैदान में हैं। वहीं, लॉस एंजिल्स के मेयर पद के लिए नित्या रमन और न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए सरिता कोमारेड्डी का मुकाबला भी चर्चा में है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इन उम्मीदवारों के नतीजे उस समय तक स्पष्ट नहीं हुए थे।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत और हार ने एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी को चर्चा में ला दिया है।