नीरज प्रताप शाक्य के अनुसार, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के साथियों के साथ लखनऊ में प्रस्तावित शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने के लिए रवाना होने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने उनके घर की घेराबंदी कर दी और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
नीरज प्रताप शाक्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, “यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही है। देश में अघोषित इमरजेंसी का माहौल बनाया जा रहा है।”
उन्होंने दावा किया कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के साथियों के साथ शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने के लिए लखनऊ जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर पर ही रोक लिया।
नीरज प्रताप शाक्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनका संघर्ष जारी रहेगा। आम आदमी पार्टी की ओर से लखनऊ में प्रस्तावित आंदोलन को इसी मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।
इससे पहले फर्रुखाबाद के टाउन हॉल पार्क में भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। इस धरने का नेतृत्व मोहम्मद शहेजान मंसूरी कर रहे हैं।