अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि UPI भुगतान पर शुल्क लगाना पुराने समय की चुंगी व्यवस्था जैसा है। उन्होंने भाजपा को 'चुंगीजीवी' बताते हुए कहा कि ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के नाम पर जनता से पैसा वसूलना समाधान नहीं है। हालांकि, केंद्र सरकार के अनुसार नया MDR सामान्य UPI उपयोगकर्ताओं पर लगाया जाने वाला टैक्स नहीं है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेगा और ₹2,000 तक के अधिकांश व्यापारी भुगतान भी शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार के मुताबिक लगभग 96 प्रतिशत P2M लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे सवालों का जवाब नहीं है। ये आरोप अखिलेश यादव ने विपक्षी नेता के तौर पर सरकार पर लगाए हैं अखिलेश यादव ने निर्माण कार्यों और एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बुंदेलखंड, गंगा और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए निर्माण एवं रखरखाव पर सवाल उठाए। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर उन्होंने हाल में आरसीसी पुल के क्षतिग्रस्त होने का भी उल्लेख किया।X Post
इसके विपरीत, अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के कार्यकाल में बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को बेहतर गुणवत्ता वाला बताते हुए कहा कि उस पर लड़ाकू विमानों की लैंडिंग तक कराई गई थी। उन्होंने समाजवादी सरकार के समय बांटे गए लैपटॉप और अन्य परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। बेरोजगारी के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि सरकार द्वारा घोषित नौकरियों के बावजूद युवाओं को रोजगार का इंतजार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने पौधारोपण अभियान को लेकर भी सरकार से सवाल किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार 200 करोड़ पेड़ लगाने की बात कर रही है और सवाल उठाया कि इतने बड़े पैमाने पर पौधारोपण के लिए जमीन कहां है। उन्होंने अपने कार्यकाल में पौधारोपण के आंकड़ों का हवाला देते हुए इस दावे की पारदर्शिता पर सवाल उठाया। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने अंसल सिटी को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि सरकार की नजर इस परियोजना पर है। उन्होंने इसे लेकर षड्यंत्र का आरोप लगाया, हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
UPI शुल्क, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों को लेकर अखिलेश यादव के बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन मुद्दों पर बहस और तेज होने के संकेत हैं। वहीं UPI शुल्क को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि MDR का उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है और इसका बोझ सीधे आम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।