Loading...
India

अधिकारी की मेज पर छोड़े आवारा कुत्ते, महाराष्ट्र के नासिक का पूरा मामला समझिए

महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायत के मुख्याधिकारी की मेज पर आवारा कुत्तों के पिल्ले छोड़ दिए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
Share:
अधिकारी की मेज पर छोड़े आवारा कुत्ते, महाराष्ट्र के नासिक का पूरा मामला समझिए
अधिकारी की मेज पर आवरा कुत्ता
Read in your preferred language.
INDC Network : नासिक, महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा मामला सामने आया। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रणदिवे और उनके समर्थक निफाड नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और मुख्याधिकारी धीरज भामरे के कार्यालय में आवारा कुत्तों के पिल्ले छोड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने कुत्तों को अधिकारी की मेज पर भी रखा। X Post

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निफाड शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि इलाके में कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं और प्रशासन को बार-बार शिकायतें एवं ज्ञापन देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। 

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्याधिकारी की मेज पर नोटों की माला भी रखी। उनका कहना था कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए जमीन पर कार्रवाई की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों ने कुत्तों की नसबंदी, उन्हें पकड़ने के लिए व्यवस्था और उनकी संख्या नियंत्रित करने की मांग की। 
मुख्याधिकारी धीरज भामरे की ओर से कहा गया कि नगर पंचायत ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए प्रक्रिया शुरू की है और समस्या के समाधान के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा विरोध प्रदर्शन करेंगे। 
इस बीच, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। महाराष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार, निफाड पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पशुओं के साथ कथित क्रूर व्यवहार से संबंधित मामला दर्ज किया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि मामले में विक्रम रणदिवे, उनकी पत्नी और अन्य समर्थकों के नाम शामिल हैं। 
घटना ने निफाड में आवारा कुत्तों की समस्या और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चल रही बहस को फिर सामने ला दिया है।