दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि वह खुद दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने अपने तीन दिनों के व्यस्त कार्यक्रम का हवाला दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे लोगों के साथ खड़ी है।
प्रदर्शन से पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “किसी के रोके नहीं रुकेगा। अब दिल्ली में देश जुटेगा।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश की युवा ऊर्जा के साथ है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया, तो देश के अलग-अलग हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।
CJP के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में किए जा रहे बदलाव और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग है। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; चुनाव आयोग और सरकार मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया का बचाव करते रहे हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। यूपी तक की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली से सटे कई बॉर्डर पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई थी। वहीं, विपक्षी दलों के बीच इस प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग रुख सामने आए हैं। अखिलेश यादव ने समर्थन जताया, लेकिन व्यक्तिगत रूप से शामिल होने से इनकार किया।