26 मई 2004 को हुई थी वारदात
मामला 26 मई 2004 का है। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिलाका निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके बड़े भाई अशोक कुमार राठौर बैंक ऑफ इंडिया की चंदुइया शाखा में मैनेजर थे। घटना वाले दिन वह बैंक के कर्मचारी रामबाबू की बाइक पर सवार होकर बैंक जा रहे थे।
सुबह करीब 9:45 बजे झब्बूपुर गांव के आगे पीछे से आई एक सफेद मारुति वैन ने बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया। वैन से उतरे चार बदमाशों ने अशोक कुमार और रामबाबू पर तमंचों से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अशोक कुमार बाइक पर ही गिर पड़े।
बैंक मैनेजर का बैग लूटकर फरार हुए थे बदमाश
वारदात के बाद बदमाश अशोक कुमार का बैग छीनकर अचरा की ओर फरार हो गए। बैग में बैंक की चाबियां, टिफिन और जरूरी कागजात रखे थे। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान बदायूं जनपद के उसैत थाना क्षेत्र निवासी महेश और आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र की जयराम बाग कॉलोनी निवासी जगदीश के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से तमंचे और कारतूस बरामद किए थे और उनके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
एक आरोपी की मौत, दूसरे को मिली उम्रकैद
मुकदमे की सुनवाई के दौरान दूसरे आरोपी जगदीश की मौत हो गई। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने महेश को 31 अक्टूबर 2026 को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए 4 नवंबर को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। करीब 22 साल तक चले इस मामले में अदालत के फैसले के बाद बैंक मैनेजर की हत्या और लूट के प्रकरण में एक आरोपी को सजा मिल गई है।