सद्भावना मंच की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि भारत विभिन्न धर्मों, भाषाओं, खान-पान, पूजा पद्धतियों और सांस्कृतिक परंपराओं वाला देश है। विविधताओं के बावजूद अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। प्रेस नोट में अनेकता में एकता को देश की विरासत और शक्ति बताया गया है।
मंच के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में साझा संस्कृति और पारंपरिक विरासत को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों के कारण समाज में नफरत, भय और अविश्वास बढ़ने की चिंता सामने आई है। प्रेस नोट में कहा गया है कि शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहने वाले समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने के प्रयासों से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा है।
इन्हीं परिस्थितियों के बीच सद्भावना मंच द्वारा शहरों, कॉलोनियों, गांवों, कस्बों और मोहल्लों के स्तर पर आपसी प्रेम-मोहब्बत तथा भाईचारे को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए फर्रुखाबाद में सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन में सामाजिक एकता, आपसी विश्वास, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किए जाने की बात प्रेस नोट में कही गई है। आयोजकों का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा देना बताया गया है।
कार्यक्रम की जानकारी:
दिनांक: 4 अक्टूबर 2026, रविवार
समय: दोपहर 2 बजे
स्थान: नव भारत सभा भवन, ठंडी सड़क, फर्रुखाबाद