जंतर-मंतर की जगह अब कहां होंगे प्रदर्शन?
दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार, अब तीन निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली में स्थित यह स्थल जंतर-मंतर से लगभग 4 किलोमीटर दूर है।
बुराड़ी ग्राउंड: उत्तरी दिल्ली में स्थित यह मैदान जंतर-मंतर से करीब 21 किलोमीटर दूर है।
CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली में स्थित यह स्थल जंतर-मंतर से लगभग 12 से 13 किलोमीटर की दूरी पर है।
पुलिस के आदेश में बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने और इन तीन नए स्थानों को नामित करने का निर्णय लिया गया।
अलग से जारी होगी नई गाइडलाइन
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों नए प्रदर्शन स्थलों पर धरना और विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन करता है।
नई व्यवस्था के तहत प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति, प्रक्रिया और अन्य नियमों से संबंधित विस्तृत जानकारी संशोधित SOP में सामने आने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्यों लिया गया फैसला?
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब राजधानी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने को लेकर विभिन्न संगठनों और विपक्षी नेताओं की ओर से आवाज उठाई जा रही थी। हाल के दिनों में कॉकroach जनता पार्टी (CJP) और अन्य नेताओं की ओर से भी यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की मांग की गई थी।
सोमवार को CJP के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए नई तारीख देने की मांग की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों के कारण नई दिल्ली जिले में कई जगहों पर प्रतिबंध और आवाजाही संबंधी परेशानियां देखने को मिली थीं।
नई दिल्ली जिला प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। यहां संसद भवन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय और अन्य प्रमुख प्रतिष्ठान स्थित हैं। ऐसे में बड़े प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और यातायात को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
आम लोगों और यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
जंतर-मंतर के आसपास होने वाले बड़े प्रदर्शनों के दौरान सड़कें बंद करने, बैरिकेडिंग और यातायात के मार्ग बदलने जैसी व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। इससे दफ्तर जाने वाले लोगों, स्थानीय निवासियों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन राजधानी का एक प्रमुख परिवहन केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। प्रदर्शन के दौरान आसपास की सड़कों पर प्रतिबंध या यातायात में बदलाव होने से रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है।
इसके अलावा, जंतर-मंतर के नजदीक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और राजीव चौक जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशन हैं। बड़े प्रदर्शनों के समय मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रतिबंध लगाए जाने से यात्रियों की भीड़ बढ़ सकती है और आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
पुलिस को ऐसे मौकों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती, बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा और यातायात प्रबंधन जैसे इंतजाम करने पड़ते हैं। इन व्यवस्थाओं के लिए जिला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय भी आवश्यक होता है।
पहले भी सामने आई थीं सुरक्षा संबंधी चुनौतियां
रिपोर्ट में 20 जुलाई को नई दिल्ली जिले में हुई झड़पों का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया कि CJP के एक छोटे से जमावड़े के बाद स्थिति कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती में बदल गई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मामले की जांच शुरू हुई।
लगातार सामने आ रही सुरक्षा और यातायात संबंधी चुनौतियों के बीच जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का निर्णय लिया गया है।
अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस की ओर से जारी होने वाली संशोधित SOP पर रहेगी, जिससे नए स्थलों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और नियमों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।