सौरभ राजपूत हत्याकांड क्या है?
मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र का यह मामला 2025 में सामने आया था। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया। पुलिस जांच के बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा चला और मामला मेरठ जिला अदालत पहुंचा।
30 सितंबर को अदालत का फैसला
दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद मेरठ जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी। अदालत पहले यह निर्धारित करेगी कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं या नहीं। इसके बाद दोष सिद्ध होने की स्थिति में सजा के बिंदु पर निर्णय होगा।
126 पेशियां और 22 से अधिक गवाह
मामले की सुनवाई करीब 13 महीने चली। इस दौरान 126 पेशियां हुईं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों में सौरभ के परिवार के सदस्यों के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य लोग भी शामिल रहे।
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें
अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मामले से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य सबूतों को रखा तथा दोनों आरोपियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने आरोपों से संबंधित अपनी दलीलें अदालत के सामने रखीं। अंतिम निर्णय अदालत के साक्ष्यों और कानूनी दलीलों के आधार पर होगा।
फैसले पर सभी की नजर
30 सितंबर 2026 को आने वाले अदालत के फैसले पर सौरभ राजपूत के परिवार, आरोपियों और मामले से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हैं। अदालत के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के मामले में क्या फैसला सुनाया जाता है।