सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में संकेत दिया था कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी की ओर से कोई ‘सरप्राइज’ देखने को मिल सकता है। इसके बाद तीन उम्मीदवार उतारे जाने की चर्चा तेज हुई। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर सपा दो सीटें जीतने की स्थिति में है, लेकिन पार्टी तीसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है।
सपा की ओर से तीन नामांकन पत्र खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी ने अभी तक तीनों उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किए हैं। रिपोर्टों में यह भी चर्चा है कि पार्टी अपने सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए तीसरे उम्मीदवार के चयन पर विचार कर सकती है।
वहीं BJP में राज्यसभा की आठ सीटों के लिए 20 से ज्यादा संभावित नामों पर चर्चा हुई है। इनमें स्मृति ईरानी, कौशल किशोर, हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल, गीता शाक्य, रेखा वर्मा, हरीश द्विवेदी और अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि पार्टी की बैठक में किसी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के मुताबिक BJP गठबंधन के पास 288 विधायक हैं, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 103 विधायक हैं। रिपोर्ट के अनुसार BJP के पास 255 विधायक, अपना दल (सोनेलाल) के 13, RLD के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं। सपा के 101 और कांग्रेस के 2 विधायक बताए गए हैं।
राज्यसभा की एक सीट के लिए उत्तर प्रदेश में 37 विधायकों के वोट की आवश्यकता है। मौजूदा संख्या बल के आधार पर BJP गठबंधन सात सीटें और सपा दो सीटें जीतने की स्थिति में बताई जा रही है। ऐसे में दसवीं सीट को लेकर दोनों दलों के बीच संख्या बल और उम्मीदवारों की रणनीति महत्वपूर्ण हो सकती है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। मतदान के बाद 16 अक्टूबर को ही मतगणना होगी।
इस चुनाव में मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। अब सभी की नजर BJP और सपा की ओर से घोषित होने वाले उम्मीदवारों पर है, जिससे राज्यसभा चुनाव का अंतिम गणित और स्पष्ट होगा।