राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला चर्चा में है। UPTak के मुताबिक, सपा की तैयारियों के बावजूद पार्टी तीसरे प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतार सकी और संख्याबल का गणित इसके पीछे प्रमुख कारण रहा।
रिपोर्ट में बीजेपी की ओर से श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाए जाने और इसके बाद बने राजनीतिक समीकरणों का भी विश्लेषण किया गया है। साथ ही सपा के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के राजनीतिक नैरेटिव पर इस घटनाक्रम के संभावित प्रभाव पर चर्चा की गई है।