भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की। इसके बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया। यह करीब चार साल में RBI की पहली दर बढ़ोतरी है।
रेपो रेट बढ़ने के बाद शेयर बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिला। Sensex और Nifty में गिरावट आई, हालांकि बाद में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपनी शुरुआती गिरावट का कुछ हिस्सा कम किया। Bank Nifty में भी सुधार देखा गया।
RBI ने महंगाई के दबाव और मजबूत आर्थिक गतिविधियों के बीच अपनी नीति का रुख ‘neutral’ से ‘calibrated tightening’ कर दिया है। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP growth का अनुमान 7.1% और महंगाई का अनुमान 5.2% किया है।