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राम विलास पासवान के पूर्व सचिव संजीव हंस पर एक करोड़ रिश्वत का केस

INDC Network : महाराष्ट्र :- Central Bureau of Investigation ने पूर्व केंद्रीय मंत्री Ram Vilas Paswan के पूर्व निजी सचिव Sanjeev Hans के खिलाफ एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने National Consumer Disputes Redressal Commission में राहत दिलाने के बदले यह रकम ली।

पूर्व केंद्रीय मंत्री Ram Vilas Paswan के तत्कालीन निजी सचिव Sanjeev Hans एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने के मामले में जांच एजेंसियों के घेरे में आ गए हैं। Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि यह रिश्वत National Consumer Disputes Redressal Commission (एनसीडीआरसी) में राहत दिलाने के नाम पर ली गई थी।

सीबीआई के अनुसार यह मामला साल 2019 से जुड़ा हुआ है, जब Ram Vilas Paswan केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के पद पर थे। आरोप है कि उसी दौरान एक रियल एस्टेट कारोबारी से एनसीडीआरसी में लंबित मामले में राहत दिलाने के बदले लगभग एक करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की गई और बाद में यह रकम हासिल भी की गई।

एफआईआर में इस मामले से जुड़े कई अन्य नामों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें संजीव हंस के कथित करीबी Vipul Bansal शामिल हैं, जो RNA Corporation से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर Anubhav Agarwal और East and West Builders समेत अन्य लोगों को भी इस कथित रिश्वत मामले में नामजद किया गया है।

जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क की भूमिका होने की संभावना है। सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वत की राशि किस माध्यम से दी गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

दूसरी ओर, Sanjeev Hans की ओर से इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया गया है। उनके वकील Changez Khan ने कहा है कि यह मामला साजिश के तहत तैयार किया गया है और जांच के दौरान सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सीबीआई अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रिश्वत का लेन-देन किन माध्यमों से किया गया। साथ ही एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग शामिल हैं तथा क्या इससे जुड़े अन्य मामलों के भी सामने आने की संभावना है।

इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई आगे की दिशा तय करेगी और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


बिंदुविवरण
आरोपीसंजीव हंस
पदपूर्व निजी सचिव (राम विलास पासवान)
जांच एजेंसीसीबीआई
रिश्वत राशिलगभग ₹1 करोड़
संबंधित संस्थाएनसीडीआरसी
कथित घटना वर्ष2019
अन्य आरोपीविपुल बंसल, अनुभव अग्रवाल
संबंधित कंपनियांRNA Corporation, East and West Builders
बचाव पक्ष का दावाआरोप निराधार
स्थितिजांच जारी

सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के पूर्व निजी सचिव संजीव हंस के खिलाफ एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। मामला एनसीडीआरसी में राहत दिलाने के बदले पैसे लेने से जुड़ा बताया जा रहा है।

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