INDC Network : महाराष्ट्र :- Raj Thackeray ने Nashik में कथित स्वयंभू बाबा Ashok Kharat की गिरफ्तारी के बाद महिलाओं के शोषण के आरोपों को गंभीर बताया। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अंधविश्वास विरोधी कानून के सख्त पालन पर जोर दिया।
महाराष्ट्र के Nashik में कथित स्वयंभू बाबा Ashok Kharat की गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। महिलाओं के शोषण और अंधविश्वास फैलाने के आरोपों के बीच Maharashtra Navnirman Sena (मनसे) प्रमुख Raj Thackeray ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि दैवी शक्तियों के नाम पर महिलाओं का शोषण अत्यंत गंभीर विषय है और इसे किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में सत्ता का संरक्षण मिलता है तो यह समाज के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है और समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की सामाजिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य हमेशा से अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने वर्ष 2013 में लागू अंधविश्वास विरोधी कानून का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में इस कानून का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि समाज में फैल रही ठगी और शोषण जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इस मामले को लेकर विपक्ष भी लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि कई बार ऐसे स्वयंभू बाबाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल जाता है, जिससे उनका मनोबल बढ़ता है और वे लोगों को ठगने के साथ-साथ महिलाओं का शोषण भी करते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि Ashok Kharat कथित तौर पर लोगों को भ्रमित करने के लिए कई तरह के तरीकों का इस्तेमाल करता था। आरोप है कि वह रिमोट से चलने वाले नकली सांपों को चमत्कार बताकर लोगों को डराता था और इमली के बीजों को पॉलिश कर ‘मंत्रित वस्तु’ बताकर महंगे दामों में बेचता था। इसके अलावा वह नकली पत्थर और रत्नों को दैवी शक्तियों से जुड़ा बताकर लोगों से बड़ी रकम वसूलता था।
मामले के सामने आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा और समाज में अंधविश्वास के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस कथित नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से भी आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए रखी जा रही है। इस प्रकरण ने एक बार फिर समाज में अंधविश्वास और उसके दुष्परिणामों को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | नासिक, महाराष्ट्र |
| आरोपी | अशोक खरात (कथित स्वयंभू बाबा) |
| आरोप | महिलाओं का शोषण, ठगी, अंधविश्वास फैलाना |
| गिरफ्तारी | पुलिस द्वारा पिछले सप्ताह |
| राजनीतिक प्रतिक्रिया | राज ठाकरे की कड़ी टिप्पणी |
| कानून संदर्भ | 2013 अंधविश्वास विरोधी कानून |
| विपक्ष की मांग | निष्पक्ष जांच |
| कथित तरीके | नकली सांप, मंत्रित बीज, नकली रत्न |
| सामाजिक असर | महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता |
| जांच स्थिति | पुलिस जांच जारी |
महाराष्ट्र के नासिक में कथित स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद मामला सियासी हो गया है। राज ठाकरे ने महिलाओं के शोषण के आरोपों को गंभीर बताते हुए अंधविश्वास विरोधी कानून के सख्त पालन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।



















